
मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने आगर मालवा जिले के बड़ौद में महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD) में बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। लोकायुक्त की टीम ने परियोजना अधिकारी (CDPO) भगत सिंह चौहान और महिला सुपरवाइजर जयश्री खींची को ₹30,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।
आंगनवाड़ी सहायिका की नियुक्ति के बदले मांगी थी घूस:
- मामले की पृष्ठभूमि: बड़ौद के विनायगा निवासी बहादुर लोहार ने उज्जैन लोकायुक्त एसपी से शिकायत की थी कि उनकी पत्नी रामू को आंगनवाड़ी सहायिका के पद पर नियुक्त करने के एवज में दोनों अधिकारियों द्वारा ₹80,000 की मांग की जा रही थी।
- ₹60 हजार में हुआ था सौदा:
बातचीत के बाद यह सौदा ₹60,000 में तय हुआ था। लोकायुक्त टीम ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद जाल बिछाया।
- पहली किस्त लेते ही दबोचे गए: गुरुवार को जैसे ही शिकायतकर्ता ने रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर ₹30,000 की राशि अधिकारियों को सौंपी, तभी लोकायुक्त डीएसपी दिनेश चंद्र पटेल के नेतृत्व वाली टीम ने दोनों को दबोच लिया। हाथ धुलवाने पर दोनों अधिकारियों की उंगलियों से गुलाबी रंग (केमिकल) निकला।
लोकायुक्त पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।



