
मध्य प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में पिछले तीन दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की देशव्यापी और प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल आखिरकार आज समाप्त हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कर्मचारी संघ के प्रमुख नेताओं के बीच मंत्रालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद कर्मचारियों ने काम पर लौटने का फैसला किया है।
इन प्रमुख मांगों पर सरकार ने दिया ठोस भरोसा:
- दैनिक वेतन भोगियों का नियमितीकरण: वर्षों से कार्यरत सफाई कामगारों और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से नियमित करने की नीति पर सकारात्मक विचार किया जाएगा।
- वेतन विसंगति और एरियर का भुगतान: सफाई कर्मियों के रुके हुए एरियर और वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए वित्त विभाग के साथ मिलकर जल्द आदेश जारी किए जाएंगे।
- सुरक्षा उपकरण और अनुकंपा नियुक्ति:
ड्यूटी के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और मृतक कर्मचारियों के परिजनों को अविलंब अनुकंपा नियुक्ति देने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा।
शहरों को मिलेगी कचरे के ढेर से मुक्ति:
पिछले 72 घंटों से जारी इस हड़ताल के कारण भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित बैतूल और सारणी के स्थानीय नगरीय निकायों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई थी और त्योहारों के बाद शहरों में कचरे के बड़े ढेर लग गए थे। कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री के संवेदनशील रुख और ठोस आश्वासन के बाद जनहित को ध्यान में रखते हुए हड़ताल वापस ली गई है और सभी कर्मचारी आज रात से ही स्वच्छता अभियान में जुट जाएंगे।
पिछले 72 घंटों से जारी इस हड़ताल के कारण भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित बैतूल और सारणी के स्थानीय नगरीय निकायों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई थी और त्योहारों के बाद शहरों में कचरे के बड़े ढेर लग गए थे। कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री के संवेदनशील रुख और ठोस आश्वासन के बाद जनहित को ध्यान में रखते हुए हड़ताल वापस ली गई है और सभी कर्मचारी आज रात से ही स्वच्छता अभियान में जुट जाएंगे।



