
विशाल भौरासे की रिपोर्ट
भरकावाडी सरपंच मोना का पति मोहन सातपुते कर रहा पंचायत छेत्र में जमकर राजनीति
सचिव भोजू भी मोहन के साथ मिलाकर करता है अनियमितता
बैतूल -प्रदेश सरकार की मंशा के अनुशार महिलाओ को राजनितिक छेत्र में आगे लाने हेतु सरकार भरपूर प्रयास कर रही है और सरकात इस प्रयास में खरी भी उतरी है और इस पंचायती सत्र में प्रदेश भर में कई महिलाएं सरपंच, विधायक, सांसद, सहित अन्य आयामों पर अपनी महती भूमिका निभा रही हैं परंतु बैतूल जिले की भरकावाडी पंचायत का दुर्भाग्य है की यहां के ग्रामिणो ने महिला मोना सातपूते को अपना जनप्रतिनिधि चुना था और ग्रामीणों की मंशा के विरूद्ध पंचायत का करभार सरपंच मोना सातपुते का पति मोहन सातपुते संभाल रहा है जो किनियम विरुद्ध है।
खास बात तो यह है की इस पंचायत के सचिव भोजू बड़ोदे भी इस बात का विरोध नही कर रहे और दोनो सचिव और सरपंच पति मोहन एक साथ मिलकर रेवड़ी बटोरने में लगे हुए हैं ।
सूत्रो की माने तो ग्राम पंचायत खुलने और बंद होने का कोई सीमित समय नहीं है ।कभी कभी तो हप्तो तक पंचायत बंदही रहती है।
जिसके कारण ग्रामिणों को खासी दिक्कतो का सामना भी करना पड़ता है।
ग्रामीणों की माने तो सरपंच पति ही ग्राम सभा की बैठकों में हस्त छेप करता है।
जिसके कारण ग्रामिणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
सवाल यह है की पंचायतों में पाई जा रही अनियमितताओ का क्या कारण हो सकता है
सूत्र की माने तो जनपद पंचायत सी ओ साहब भी ग्राम पंचायत दौरा नही करते इसी कारण से सचिव भोजु बड़ोदे और सरपंच पति मोहन सातपुते अपनी मर्जी से पंचायत में तानासाही करते हैं।
सावल यह है की आख़िर कौनसे नियम के पालन कर आपने आप को सरपंच समझते हैं सरपंचपति बैतूल विकाश खंड की कई पंचायतों मेंमहिलाए सरपंच है और सभी जगह सरपंच पतियो का अधिकतर हस्तछेप देखा जा चुका है। परंतु संबंधित अधिकरीयो की इस ओर गंभीरता नही दिखाना भी इस समस्या का एक बडा कारण प्रतीत होता है।