
ब्यूरो रिपोर्ट
नीमच में जीबीएस नामक बीमारी ने कहर बरपाया है। जिले के मनासा में गिलियन बार्रे सिंड्रोम जीबीएस के कारण अभी दो बच्चों की मौत हो चुकी है। साथ ही 15 बच्चे इस बीमारी से संक्रमित हैं। इसके कारण नीमच में लोग सहमे हुए हैं।
जानकारी के बाद प्रदेश के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला वहां पहुंचे हैं। नीमच में स्वास्थ्य विभाग की कोशिशों की समीक्षा की और बच्चों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, जीबीएस ऑटो इम्युन बीमारी है। शुरुआत में सामान्य सर्दी-जुकाम और बुखार के लक्षण सामने आते हैं। पांच-सात दिन बाद यह इम्युन सिस्टम पर अटैक करता है। यह पैरों से शुरू होकर आंतों तक पहुंचता है। पैरों में अकड़न के साथ अंगुलियां कड़क हो जाती हैं। इसे लोग लकवा भी मानने लगते हैं।
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने मनासा सिविल अस्पताल में स्क्रीनिंग में पाए जाने वाले संभावित रोगियों के त्वरित नि:शुल्क उपचार के लिए मनासा में वेंटीलेटर युक्त एक पृथक से वार्ड स्थागित करने और इस वार्ड में चिकित्सक सहित आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए है।