
ब्यूरो रिपोर्ट
जिले के सभी 92 वन ग्रामों के पात्र व्यक्तियों को वन अधिकार पट्टों का लाभ प्राथमिकता से प्रदान किया जाए। राज्य शासन द्वारा वन अधिकार पट्टों के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप वन अधिकार दावों का निराकरण पूरी गंभीरता और तत्परता से किया जाए। यह निर्देश संभागायुक्त श्री कृष्ण गोपाल तिवारी ने सभी एसडीएम, एसडीओ फॉरेस्ट, जनपद सीईओ तथा 92 वन ग्रामों के वन रक्षक, पटवारी एवं सचिवों को दिए।
संभागायुक्त श्री तिवारी की अध्यक्षता में गुरुवार को जे.एच. कॉलेज के ऑडिटोरियम में वन विभाग, राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत वन अधिकार पट्टों के निराकरण सहित अन्य विषयों पर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीसीएफ श्री मधु वी. राज, कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी, डीएफओ श्री नवीन गर्ग, डीएफओ श्री लक्ष्मीकांत वासनिक, डीएफओ श्री अरिहंत कोचर सहित सभी एसडीएम, जनपद सीईओ तथा 91 वन ग्रामों के बीट गार्ड, पटवारी और रोजगार सहायक उपस्थित रहे।

बैठक में संभागायुक्त ने विभिन्न ग्रामों के बीट गार्ड, पटवारी एवं रोजगार सहायक से चर्चा कर वन ग्रामों की बाहरी सीमा निर्धारण एवं नक्शा तैयार करने की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन वन ग्रामों के नक्शे अभी तैयार नहीं हुए हैं, वहां बीट गार्ड, सचिव, पटवारी एवं वन समिति संयुक्त रूप से ग्राम भ्रमण कर नक्शा तैयार करें तथा संयुक्त हस्ताक्षर कर प्राथमिकता से प्रस्तुत करें। साथ ही संयुक्त रूप से वन अधिकार पट्टों के हितग्राहियों का चयन, दावों की स्थिति का चिन्हांकन तथा निर्धारित प्रपत्रों की तैयारी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी प्रकार की विसंगति न रहे।
उन्होंने कहा कि इस कार्य में पेसा मोबिलाइज़र एवं जन अभियान परिषद का सहयोग लिया जाए। फौती नामांतरण के प्रकरणों का निराकरण वन एवं राजस्व अमला आपसी समन्वय से समय-सीमा में करें तथा अभियान चलाकर लंबित प्रकरणों का निपटारा किया जाए। सामुदायिक वन अधिकार दावों के शीघ्र निराकरण के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने नक्शा तैयार करने का कार्य तीन दिवस में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि तैयार सभी दावों का ग्राम स्तरीय समिति से अनुमोदन कर उप-खंड स्तरीय समिति को भेजा जाए। उप-खंड स्तरीय समिति से अनुमोदित दावों का अंतिम निराकरण जिला स्तरीय समिति द्वारा किया जाए। बैठक में अधिकारियों एवं मैदानी अमले को राज्य शासन के दिशा-निर्देशों और अपेक्षाओं से अवगत कराया गया तथा निराकरण में आ रही समस्याओं पर चर्चा कर आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया।
इसके अतिरिक्त बैठक में वन व्यवपवर्तन (डायवर्जन) के प्रकरणों की समीक्षा की गई तथा अधिसूचना से संबंधित लंबित प्रस्तावों पर आवश्यक निर्देश दिए गए। साथ ही शिक्षा, एमपीईबी, नगरीय प्रशासन, स्वास्थ्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जल संसाधन, जल निगम, उद्योग आदि विभागों के विकास कार्यों से जुड़ी अनापत्ति (एनओसी) विषयों पर भी चर्चा की गई।




