
ब्यूरो रिपोर्ट
नकली परमिट के जरिए अवैध शराब परिवहन के मामले में सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सोम डिस्टलरी प्राइवेट लिमिटेड सेहतगंज और रोजराजक जिला रायसेन को स्वीकृत अलग-अलग लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। यह आदेश आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल द्वारा जारी किए गए।
उपायुक्त आबकारी, संभागीय उडनदस्ता, भोपाल के पत्र क्रमांक / आब/2023- 24/03 दिनांक 01.01.2024 से सूचित अनुसार नकली शराब परिवहन परमिटों एवं अवैध शराब का परिवहन करने के मामले में माननीय अपर सत्र न्यायाधीश देपालपुर द्वारा प्रकरण क्रमांक 21/2021, फाईलिंग क्रमांक 975/2021 में निर्णय दिनांक 23.12.2023; जिसमे मेसर्स सोम डिस्टलरीज प्रायवेट लिमिटेड, सेहतगंज जिला रायसेन तथा मेसर्स सोम डिस्टलरीज एण्ड ब्रेवरीज लिमिटेड, रोजराचक जिला रायसेन के प्रतिनिधि/अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता श्री उमाशंकर शर्मा, श्री जी.डी. अरोरा, श्री दिनकर सिंह एवं श्री मोहन सिंह तोमर एवं श्री दीनानाथ सिंह डायरेक्टर, मेसर्स सोम डिस्टलरीज एण्ड ब्रेवरीज लिमिटेड, रोजराचक जिला रायसेन तथा अन्य को उक्त प्रकरण में पारित आदेश में उल्लेखित विभिन्न धाराओं के अंतर्गत कारावास एवं अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है।
माननीय न्यायालय के इस प्रकरण की वस्तुस्थिति यह है कि इसमें आरोपीगणों ने मिलकर परमिट क्रमांक 10363, ट्रक क्रमांक एम.पी. 09 एच.एफ. 5185 की बिल्टी और अनेकोनेक परमिट बुक कूटरचित करने का अवैध कार्य अवैध साधनों से करने के लिए आपराधिक षडयंत्र बनाकर कूटरचित परमिट से छल करने के आशय से कूटरचना की गई, कूटरचित दस्तावेज को असली के रूप में उपयोग में लिया गया,
जिसमें आरोपी मदनसिंह द्वारा 5 फर्जी परमिट बुक, विरेन्द्र भारद्वाज द्वारा 272, रामप्रसाद मिश्रा द्वारा 25, प्रीति गायकवाड द्वारा 279, संजय गोहे ने 282, कैलाश बंगाली ने 29, मोहन सिंह तोमर ने 676, उमाशंकर ने 75 और दिनकरसिंह ने 65 फर्जी परमिट की कूटरचना छल कारित करने के लिये कूटरचित दस्तावेज से स्वयं को अथवा मेसर्स सोम डिस्टलरीज प्रायवेट लिमिटेड को संदोष लाभ पहुंचाने के लिये तथा शासन को संदोष हानि कारित करने के लिये कूटरचित परमिट ओर बिल्टी से मेसर्स सोम डिस्टलरीज प्रायवेट लिमिटेड, रोजराचक से दीव को परिवहन किया।
बता दे की इस प्रकरण में आबकारी उप निरीक्षक प्रीति गायकवाड को 25 सितंबर 2025 को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। वहीं, विभाग के अन्य अधिकारी मदन सिंह पवांर, कैलाश चंद्र बंगाली और राम प्रसाद मिश्रा सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के प्रस्ताव आयुक्त कार्यालय द्वारा संबंधित विभाग को भेजे गए हैं।