
आगामी 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत की तैयारियों को लेकर जिला न्यायालय बैतूल में सरगर्मी तेज हो गई है। सोमवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष, श्री दिनेश चन्द्र थपलियाल ने बीमा कंपनी के अधिकारियों और पैनल अधिवक्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।
प्रमुख बिंदु:
* लक्ष्य: मोटर दुर्घटना एवं क्षतिपूर्ति के लंबित दावों का अधिक से अधिक समझौता कराना।
* लंबित प्रकरण: जिले में वर्तमान में एक्सीडेंट क्लेम के 1522 प्रकरण लंबित हैं।
* प्री-सिटिंग बैठकें: लोक अदालत से पहले हर कार्यदिवस पर दोपहर 02 बजे प्री-सिटिंग बैठकों का आयोजन किया जा रहा है।
त्वरित न्याय पर जोर
बैठक के दौरान न्यायाधीश श्री थपलियाल ने कहा, “दुर्घटना के प्रकरणों में पीड़ित पक्ष को जितनी जल्दी क्षतिपूर्ति (क्लेम) प्राप्त होगा, पीड़ित परिवार को अपनी परेशानियों से उबरने में उतनी ही बड़ी राहत मिलेगी।” उन्होंने जोर दिया कि लोक अदालत एक ऐसा मंच है जहाँ बिना किसी देरी के आपसी बातचीत और समझौते से मामलों का समाधान निकाला जा सकता है।
बैठक में उपस्थित गणमान्य
इस बैठक में न्यायिक जगत के कई वरिष्ठ अधिकारी और अधिवक्ता शामिल हुए:
* श्री शिवबालक साहू: प्रभारी अधिकारी, नेशनल लोक अदालत एवं प्रधान न्यायाधीश (कुटुम्ब न्यायालय)।
* श्री सचिन कुमार घोष एवं श्री कैलाश नारायण अहिरवार: अपर जिला न्यायाधीश।
* श्री सोमनाथ राय: जिला विधिक सहायता अधिकारी।
* पैनल अधिवक्ता: श्री बी.के. पांडे, श्री संजय शुक्ला, श्री निलेश चौरगडे, श्री विनोद टेकाडे, श्री जब्बार खान, श्री राजेन्द्र बघेल, श्री उमेश खेडले समेत अन्य वकील।
पक्षकारों के लिए सूचना
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने सूचित किया है कि कोई भी अधिवक्ता या पक्षकार जो अपने मोटर दुर्घटना संबंधी प्रकरण में समझौता (राजीनामा) करना चाहता है, वह प्रतिदिन दोपहर 02 बजे होने वाली प्री-सिटिंग बैठकों में उपस्थित होकर जानकारी दे सकता है।






