*मानवता की मिसाल बनी बैतूल पुलिस: 7 वर्षीय बिछड़े बेटे को परिवार से मिलाया,*
*“खाकी का संवेदनशील चेहरा: सैकड़ों किलोमीटर दूर जाकर निभाया मानवता का फर्ज”*
*“8 महीने की जुदाई खत्म: बैतूल पुलिस ने बेटे के जन्मदिन में लौटाई मां की मुस्कान”*
*“बिछड़ा बचपन, फिर मिली खुशियां: बैतूल पुलिस ने रचा भावुक मिलन, जन्मदिन बना खुशियों का उत्सव ”*
पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में बैतूल पुलिस द्वारा मानवीय संवेदनाओं एवं कर्तव्यनिष्ठा का उत्कृष्ट परिचय देते हुए एक सराहनीय कार्य किया गया है। पुलिस टीम ने लगभग 8 माह से परिवार से बिछड़े 7 वर्षीय बालक ऋतिक राजावत को उसके परिजनों से सुरक्षित मिलवाकर न केवल एक परिवार को खुशियां लौटाईं, बल्कि पुलिस की संवेदनशील छवि को भी सुदृढ़ किया है।
*घटना का संक्षिप्त विवरण*
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बालक ऋतिक राजावत पूर्व में जीआरपी पुलिस को ट्रेन में मिला था, जिसे बाल कल्याण समिति बैतूल के सुपुर्द किया गया था। समिति के निर्देशानुसार बालक को पिछले 8 माह से छाया शिशु ग्रह, बैतूल में संरक्षण एवं देखरेख में रखा गया था।
जांच में ज्ञात हुआ कि बालक की माता रिया राजेंद्र राजावत, जो मूलतः इंदौर की निवासी हैं, पारिवारिक परिस्थितियों के चलते अपने बच्चों के साथ यात्रा के दौरान अमरावती जा रही थीं, तभी उनका पुत्र ऋतिक उनसे बिछड़ गया। बाद में माता बिछड़े बच्चे को ढूंढते हुए अपने अन्य बच्चों के साथ रायगढ़ पहुंचीं, जहां स्थानीय बाल कल्याण समिति द्वारा उन्हें आश्रय दिया गया।
पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेंद्र जैन द्वारा मामले की गंभीरता एवं संवेदनशीलता को देखते हुए बालक को परिवार से मिलाने का दायित्व उठाया। पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार पुलिस टीम द्वारा विधिवत प्रक्रिया पूर्ण कर बालक को बाल कल्याण समिति बैतूल से सुपुर्द लेकर सैकड़ों किलोमीटर दूर रायगढ़ पहुंचाया गया।
*बालक को जन्मदिन के दिन बिछड़े परिवार से मिलाया*
*विशेष रूप से दिनांक 04 अप्रैल 2026 को बालक ऋतिक का जन्मदिन था, उसी दिन उसे उसके परिजनों से मिलवाया गया, जिससे परिवार में भावनात्मक एवं हर्षोल्लास का माहौल निर्मित हुआ* ।
इसके उपरांत पुलिस टीम द्वारा बालक को पनवेल ले जाकर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही पूर्ण की गई तथा बालक को उसके परिजन एवं संबंधित बाल कल्याण समितियों के समक्ष विधिवत सुपुर्द किया गया।