
ब्यूरो रिपोर्ट
जनगणना 2027 को अधिक आधुनिक, पारदर्शी एवं जन-सहभागी बनाने की दिशा में भारत सरकार द्वारा “स्व-गणना” की अभिनव सुविधा प्रारंभ की है। जिला योजना अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी श्री नरेन्द्र कुमार गौतम ने बताया कि यह पहल नागरिकों को सशक्त बनाते हुए उन्हें स्वयं अपने परिवार का विवरण ऑनलाइन दर्ज करने का अवसर प्रदान करेगी। प्रथम चरण अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के मध्य राज्य/ संघ राज्य क्षेत्र द्वारा चयनित 30 दिवस की अवधि में संपन्न की जाएगी। इसके पश्चात द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में आयोजित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि डिजिटल इंडिया के विजन को साकार करते हुए इस बार डेटा संकलन के लिए उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। प्रगणकों द्वारा एचएलओ मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से घर-घर जाकर जानकारी संकलित की जाएगी, वहीं आम नागरिकों के लिए स्व-गणना पोर्टल (https://se.census.gov.in) उपलब्ध कराया जाएगा। यह पोर्टल सर्वेक्षण प्रारंभ होने में 15 दिन पूर्व 16 अप्रैल से 30 अप्रैल आम जनता के लिए खुला रहेगा, जिसमें नागरिक सुविधानुमार अग्रिम रूप में अपनी जानकारी दर्ज कर सकें। स्व-गणना प्रक्रिया पूर्णतः सरल, सुरक्षित है। यह पोर्टल हिंदी, अंग्रेजी सहित 14 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध रहेगा, जिससे हर वर्ग के नागरिक आसानी से इसका उपयोग कर सकें। परिवार का कोई भी सदस्य मात्र 15-20 मिनट में पूरी प्रक्रिया पूर्ण कर सकता है। प्रक्रिया पूर्ण होने पर नागरिकों को स्व-गणना पहचान संख्या उनके मोबाइल या ई-मेल पर प्राप्त होगी। यह SE ID प्रगणक के सत्यापन के दौरान प्रस्तुत करना आवश्यक होगा, यदि SE ID मौजूदा रिकार्ड से मेल खाती है, तो आपकी जानकारी की पुष्टि कर उसे स्वीकार कर लिया जाएगा। यदि SE ID का मिलान नहीं होता है, तो प्रगणक द्वारा नई जानकारी एकत्रित की जाएगी। जिससे डेटा की शुद्धता एवं अंतिम अनुमोदन सुनिश्चित किया जा सके।
लोगों को स्व-गणना के लिए प्रेरित करें
कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि स्व-गणना जनगणना 2027 को नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह न केवल प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाएगी, बल्कि प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र निर्माण के इस महत्त्वपूर्ण कार्य में सीधी भागीदारी का अवसर भी प्रदान करेगी। जिले के सभी नागरिकों से अपेक्षा है कि वे इस डिजिटल सुविधा का अधिकतम उपयोग कर जनगणना को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दें। उन्होंने सभी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, शैक्षणिक संस्थानों एवं सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे व्यापक जनजागरूकता फैलाएं तथा अधिक में अधिक लोगों को स्व-गणना के लिए प्रेरित करें। यह पहल न केवल समय और संसाधनों की बचत करेगी, बल्कि सटीक, विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण आंकड़ों के संकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जो भविष्य की योजनाओं एवं नीतियों के निर्माण का आधार बनेगी।






