
स्वरचित ..अरुणा पाटणकर बैतूल
नारी शक्ति वंदन अधिनियम
200 वर्षों तक थे गुलाम,तब झांसी की रानी आईं थी।
देख उनकी वीरता अदभुत,तब अंग्रेज़ों की सेना भागी थी।1।
देश हुआ आजाद तो दर्ज़ा ,बराबरी का हर नारी को मिला।
घर, समाज देश को चलाने का शुभ अवसर भी था मिला।2।
हां एक बात थी खटकती सदा मन में नारी के हर कभी।
क्यों कर राजनीति में नारी को बराबरी का दर्जा नहीं ?3
समय था बीतता रहा,पर नारी आरक्षण था सपना ही रहा।
बराबरी कहने को थी मिली,पर राजनीति में बात न बनी।4।
धन्यवाद है मोदी जी जो आपने नारी शक्ति को जाना..
नारी का है योगदान अमूल्य इस बात को सच में माना।5।
तर्क करती ,शोध करती ,नारियां दे राजनीति में पूर्ण दखल।
नारीशक्ति वंदन अधिनियम लागू कर दिया उन्हें पूरा हक।।6
बहुत धन्यवाद मोदी जी आपका जो सपना साकार किया।
33%आरक्षण देकर नारी की बुझती आशा को जगा दिया।7
राजनीति के सुनहरे पटल पर,मोदीजी का सदा नाम रहेगा।
नारी के प्रति जो विश्वास दिखाया,उस पर दुनिया गर्व करेगी।8।





