
ब्यूरो रिपोर्ट
- भीषण गर्मी में पंछियों के लिए छत पर सजाए दाना-पानी के सकोरे
- तपती दोपहरी में प्यासे परिंदों को मिला सहारा, नन्हीं बिटिया भव्या ने सीखी सेवा और करुणा की सीख
- लोगों से अपील, घरों में करें दाना-पानी की व्यवस्था
बैतूल। जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बीच एक सराहनीय पहल सामने आई है। श्री योग वेदांत सेवा समिति बैतूल के संरक्षक और समाजसेवी राजेश मदान ने अपनी नन्हीं बिटिया भव्या और बेटे मोहन के साथ घर की छत पर पंछियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था की। जब तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया है और दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है, ऐसे में बेजुबान परिंदों के लिए पानी और भोजन की कमी गंभीर समस्या बन जाती है।
इसी स्थिति को देखते हुए छत पर मिट्टी के सकोरों में साफ पानी और अनाज के दाने रखे गए। नन्हीं भव्या ने अपने हाथों से सकोरों में पानी भरा और दाना डाला। इस दौरान बच्चों ने न केवल सेवा का भाव सीखा, बल्कि बेजुबान जीवों के प्रति करुणा का महत्व भी समझा। कुछ ही देर में चिड़िया और कबूतर छत पर पहुंचे और दाना-पानी ग्रहण कर अपनी प्यास बुझाई। यह दृश्य परिवार के लिए सुकून देने वाला रहा।
तपती गर्मी में जहां लोग एसी और कूलर के सहारे राहत तलाशते हैं, वहीं खुले आसमान के नीचे रहने वाले पक्षियों की स्थिति बेहद कठिन हो जाती है। इस पहल ने समाज में मानवीय संवेदनाओं का संदेश दिया है।
राजेश मदान ने लोगों से अपील की है कि वे भी अपने घरों की छत, बालकनी या आंगन में पंछियों के लिए पानी और दाना जरूर रखें। उन्होंने कहा कि छोटा सा प्रयास भी किसी बेजुबान की जान बचा सकता है। साथ ही बच्चों को ऐसे कार्यों में शामिल करने से उनमें बचपन से ही दया और करुणा के संस्कार विकसित होते हैं।




