
ब्यूरो रिपोर्ट
जनसामान्य की समस्याओं का निराकरण केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि आमजन को वास्तविक राहत प्राप्त हो : कलेक्टर डॉ सोनवणे
जनसामान्य की समस्याओं का निराकरण केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि आमजन को वास्तविक राहत और समाधान प्राप्त हो सुनिश्चित किया जाए। यह निर्देश कलेक्टर डॉ सौरभ संजय सोनवणे ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में सभी अधिकारियों को दिए। कलेक्टर डॉ सोनवणे ने बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जनहित के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर बिजली योजना का जिले में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा योजना के अंतर्गत सोलर पैनल से संबंधित लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए।

बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की विभागवार समीक्षा करते हुए जल संसाधन, शिक्षा एवं लोक निर्माण विभाग को शिकायतों के निराकरण में विशेष प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग शत-प्रतिशत शिकायतों के निराकरण का लक्ष्य लेकर मिशन मोड में कार्य करें तथा कोई भी शिकायत नॉन-अटेंडेड न रहे। समयसीमा और जनसुनवाई के प्रकरणों में पत्राचार करना समाधान नहीं माना जाएगा, बल्कि संबंधित आवेदक को विभागीय समन्वय के माध्यम से वास्तविक लाभ पहुंचाना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
कलेक्टर डॉ सोनवणे ने खनिज एवं राजस्व विभाग को अवैध माइनिंग के विरुद्ध संयुक्त रूप से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। खाद वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए एसडीएम को निर्देशित किया गया कि किसानों को निर्धारित दर पर ही खाद उपलब्ध कराया जाए तथा किसी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

बैठक में सभी एसडीएम से रोस्टर अनुसार किए गए भ्रमण एवं निरीक्षण की जानकारी लेते हुए कलेक्टर डॉ सोनवणे ने कहा कि निरीक्षण केवल औपचारिकता न बने, बल्कि उसका सकारात्मक परिणाम क्षेत्र में दिखाई देना चाहिए। सभी विभागीय अधिकारियों को अपने अधीनस्थों से निरंतर फॉलोअप लेने तथा जनहित के कार्यों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने के निर्देश दिए गए। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत समयसीमा से बाहर लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही समयसीमा, जनसुनवाई एवं विभिन्न आयोगों से प्राप्त प्रकरणों की विभागवार समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
जर्जर स्कूल भवनों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अत्यधिक जर्जर भवनों की प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत अथवा डिस्मेंटल की कार्रवाई की जाए। डीपीसी, शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग को स्कूल भवनों की मरम्मत, निर्माण एवं शिफ्टिंग के लिए व्यवस्थित कार्ययोजना बनाने तथा एसडीएम को सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। अनुकम्पा नियुक्ति प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कलेक्टर ने कहा कि विभाग स्तर पर नियमित फॉलोअप लेकर सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
वन अधिकार प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उन्होंने सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (सीएफआरआर) के महत्व पर विस्तार से चर्चा की तथा जिले में पायलट के रूप में कुछ ग्रामों में प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। बैठक में पेंशन प्रकरणों, पीएम राहत एवं ई-केवाईसी की प्रगति की समीक्षा भी की गई। भैंसदेही, चिचोली, आठनेर, भीमपुर जनपद तथा शाहपुर निकाय को ई-केवाईसी में विशेष प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। सभी एसडीएम को अपने-अपने अनुभाग स्तर पर आपदा प्रबंधन की बैठक आयोजित कर प्रमुख रपटों एवं पुल-पुलियों पर सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने तथा पानी बहाव की स्थिति में आवागमन प्रतिबंध संबंधी साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए।
पीएमजीएसवाय सड़कों के गारंटी पीरियड में रखरखाव नहीं होने की शिकायतों पर कलेक्टर ने समिति गठित कर मार्गों की स्थिति एवं मरम्मत कार्यों की जांच करने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को घोड़ाडोंगरी एवं मुलताई में डिलीवरी प्वाइंट पूरी तरह क्रियाशील रखने और स्वास्थ्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में डिस्ट्रिक्ट जीआईएस प्लान सिस्टम का प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें भूमि, सड़क, जलापूर्ति, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, उपार्जन एवं खाद वितरण सहित विभिन्न विभागों की जानकारी एकीकृत रूप से उपलब्ध कराई जाएगी। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों के लिए साप्ताहिक कैपेसिटी बिल्डिंग सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए।अंतरविभागीय बिंदुओं की समीक्षा के दौरान भूमि आवंटन प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करने तथा पैसा पंचायतों में वन एवं राजस्व अभिलेखों का वाचन कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश एसडीएम शाहपुर एवं भैंसदेही को दिए गए।
बैठक में डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड द्वारा आपदा प्रबंधन कार्ययोजना की प्रस्तुति दी गई। कलेक्टर ने सर्पदंश के लिए पर्याप्त एंटीवेनम उपलब्ध रखने, संपर्क विहीन ग्रामों में खाद्य सामग्री का अग्रिम भंडारण, पशुओं के उपचार एवं टीकाकरण, बिजली पोल एवं तारों की मरम्मत, जर्जर भवनों का ऑडिट एवं डिस्मेंटल, रपटों पर साइन बोर्ड लगाने, डिस्ट्रिक्ट कम्युनिकेशन प्लान तैयार करने, तैराकों की सूची तैयार करने, वाहनों की फिटनेस जांच तथा पुनर्वास केंद्रों के चिन्हांकन सहित विभिन्न बिंदुओं पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।



