
ब्यूरो रिपोर्ट
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने कलेक्ट्रेट परिसर में कानून व्यवस्था, सुरक्षा एवं शासकीय कार्यों की सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163(1)(3) के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। आदेश के तहत अब कोई भी व्यक्ति अथवा संगठन सामूहिक रूप से ज्ञापन सौंपने के लिए पूर्व अनुमति प्राप्त किए बिना कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा।
जारी निर्देशों के अनुसार ज्ञापन सौंपने के लिए आयोजक को पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। आवेदन में आयोजक सहित अधिकतम पांच व्यक्तियों के नाम, पते एवं मोबाइल नंबर का स्पष्ट उल्लेख करना होगा। साथ ही ज्ञापन सौंपने की तिथि एवं समय भी निर्धारित करना आवश्यक रहेगा। निर्धारित समय से अधिकतम 30 मिनट की देरी ही मान्य होगी। अनुमति प्राप्त पांच व्यक्तियों के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
आदेश में कहा गया है कि सामूहिक रूप से ज्ञापन केवल कलेक्ट्रेट परिसर के मुख्य द्वार क्रमांक-01 पर ही सौंपा जाएगा। कलेक्ट्रेट परिसर की 100 मीटर परिधि में किसी भी संगठन को सामूहिक रूप से प्रवेश करने, नारेबाजी करने अथवा धरना-प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा किसी भी रैली या जुलूस के आयोजन के लिए 48 घंटे पूर्व पुलिस को सूचना देना तथा सक्षम अधिकारी, अनुविभागीय दण्डाधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य किया गया है।
आदेश के तहत कलेक्ट्रेट परिसर में लाठी-डंडे, पत्थर, घातक हथियार, ज्वलनशील पदार्थ, बारूद, पटाखे, पेट्रोल अथवा अन्य शस्त्र लेकर प्रवेश करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही परिसर में भारी एवं व्यावसायिक वाहनों के आवागमन पर भी रोक रहेगी।
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति, संस्था अथवा समूह के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि यह आदेश शासकीय आयोजनों, कार्यक्रमों, ड्यूटी पर तैनात शासकीय सेवकों, पुलिस बल एवं मजिस्ट्रेटों पर लागू नहीं होगा।





