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ब्यूरो रिपोर्ट
भोपाल – अब मध्य प्रदेश के ग्राम रोजगार सहायकों और सहायक सचिवों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। हाल ही के ‘ग्राम रोजगार सहायक/सहायक सचिव आजाद संगठन’ (मध्य प्रदेश) ने प्रदेशव्यापी हड़ताल और आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के लिए एक पत्र जारी कर सभी जिला व ब्लॉक अध्यक्षों से संगठनात्मक सहमति मांगी है।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रानू राजपूत और प्रदेश सचिव रंजना सिंह चौहान के नेतृत्व में जारी इस सहमति-पत्र में ग्राम रोजगार सहायकों की 5 प्रमुख मांगों को रेखांकित किया गया है, जिसके आधार पर माननीय मुख्यमंत्री, पंचायत मंत्री और मनरेगा परिषद् भोपाल को ज्ञापन सौंपा जाना है।
संगठन की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
- संविलियन और समान वेतन: सभी कर्मचारियों की तरह ‘समान कार्य, समान वेतन’, वार्षिक वेतन वृद्धि, टी.ए./डी.ए. और ईपीएफ कटौती का लाभ मिले। साथ ही, 15 वर्षों से अधिक सेवा दे चुके 23,000 ग्राम रोजगार सहायकों का सहायक सचिव पद पर संविलियन किया जाए।
- सीधे सचिव पद पर पदोन्नति: पंचायत सचिव भर्ती में ग्राम रोजगार सहायकों को मिले 50% आरक्षण के बाद भी CPCT और टाइपिंग परीक्षा की शर्तें थोप दी गई हैं। संगठन की मांग है कि 15 वर्षों के लंबे अनुभव को देखते हुए इन्हें बिना इन शर्तों के सीधे सचिव पद पर पदोन्नत किया जाए।
- अनुकंपा नियुक्ति: ग्राम रोजगार सहायकों की मृत्यु के बाद उनके परिवारों को शासन स्तर से कोई सहायता नहीं मिलती। उनके आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति और वित्तीय सहायता राशि देने का आदेश जारी हो।
- आयुष्मान भारत योजना: लंबे समय से कार्यरत इन कर्मचारियों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिया जाए।
- निश्चित तारीख पर वेतन: ग्राम रोजगार सहायकों का वेतन हर महीने के प्रथम सप्ताह में एकमुश्त निर्धारित किया जाए। साथ ही अन्य कर्मचारियों की तरह भविष्य निधि (PF) कटौती और वेतन वृद्धि के स्पष्ट आदेश जारी हों।
संगठन ने सभी जिला और ब्लॉक अध्यक्षों से अपील की है कि वे इस आगामी हड़ताल कार्यक्रम की रणनीति बनाने में अपनी लिखित सहमति और हस्ताक्षर जल्द से जल्द प्रदान करें, ताकि प्रदेश के समस्त जनपद मुख्यालयों पर एक साथ बड़ा आंदोलन खड़ा किया जा सके।




