
ब्यूरो रिपोर्ट
गौ माता की विवेचना में लापरवाही बरतने और शासकीय जमीन पर अतिक्रमण को संरक्षण देने के गंभीर आरोपों से घिरे सारनी थाने के प्रधान आरक्षक हीरालाल तिलकर पर आखिरकार गाज गिर गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिले के कप्तान एसपी वीरेंद्र जैन ने त्वरित एक्शन लिया है। एसपी के आदेश पर प्रधान आरक्षक हीरालाल तिलकर का सारनी थाने से तत्काल प्रभाव से तबादला कर उन्हें बैतूल बाजार भेज दिया गया है।
लापरवाही और संरक्षण के लगे थे आरोप
सूत्रों के अनुसार, प्रधान आरक्षक हीरालाल तिलकर पर पिछले कुछ समय से गौ माता से जुड़े एक मामले की विवेचना (जांच) में घोर लापरवाही बरतने के आरोप लग रहे थे। इसके साथ ही उन पर शासकीय भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने वालों को संरक्षण देने की शिकायतें भी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँची थीं। इन आरोपों के बाद से ही विभाग के भीतर और आम जनता में उनके खिलाफ नाराजगी देखी जा रही थी।
सूत्रों के अनुसार, प्रधान आरक्षक हीरालाल तिलकर पर पिछले कुछ समय से गौ माता से जुड़े एक मामले की विवेचना (जांच) में घोर लापरवाही बरतने के आरोप लग रहे थे। इसके साथ ही उन पर शासकीय भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने वालों को संरक्षण देने की शिकायतें भी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँची थीं। इन आरोपों के बाद से ही विभाग के भीतर और आम जनता में उनके खिलाफ नाराजगी देखी जा रही थी।
कप्तान की सख्त कार्रवाई
शिकायतों और प्राथमिक इनपुट्स के आधार पर पुलिस अधीक्षक (एसपी) वीरेंद्र जैन ने अनुशासनहीनता और कार्य में लापरवाही को बर्दाश्त न करने का कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए हीरालाल तिलकर को सारनी से हटाकर बैतूल बाजार थाने संबद्ध कर दिया है। एसपी की इस त्वरित कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, वहीं क्षेत्र के लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया है।
शिकायतों और प्राथमिक इनपुट्स के आधार पर पुलिस अधीक्षक (एसपी) वीरेंद्र जैन ने अनुशासनहीनता और कार्य में लापरवाही को बर्दाश्त न करने का कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए हीरालाल तिलकर को सारनी से हटाकर बैतूल बाजार थाने संबद्ध कर दिया है। एसपी की इस त्वरित कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, वहीं क्षेत्र के लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया है।






