
ब्यूरो रिपोर्ट
नर्मदापुरम: जहाँ एक ओर पूरा देश आजादी की 80वीं वर्षगांठ के जश्न में डूबा हुआ है, वहीं मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले की माखननगर (बाबई) तहसील से व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक जमीनी तस्वीर सामने आई है। यहाँ के बालाजी वेयरहाउस परिसर में अपनी फसल बेचने आए अन्नदाताओं ने घुटने तक भरे कीचड़ और पानी के बीच खड़े होकर तिरंगा झंडा लहराया।

इस अनोखे और दर्दभरे विरोध प्रदर्शन के जरिए किसानों ने प्रशासन और वेयरहाउस संचालकों की लापरवाही को आड़े हाथों लिया।
“80 साल बाद भी नहीं बदली अन्नदाता की तकदीर”
कीचड़ के बीच ध्वजारोहण करने के बाद किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। परिसर में मौजूद किसानों ने भरे मन से कहा,
“80 साल पहले भी इस देश का किसान कीचड़ और बदहाली में जीने को मजबूर था, और आजादी के 80 साल बीत जाने के बाद आज भी हालात जस के तस हैं। हमारे पसीने की कमाई को खरीदने वाले केंद्रों पर इंसान तो क्या, जानवरों के खड़े होने की जगह नहीं है।”
बदहाली का शिकार बालाजी वेयरहाउस
किसानों का आरोप है कि उपार्जन केंद्रों और वेयरहाउसों पर करोड़ों रुपये का टर्नओवर होने के बाद भी किसानों के लिए न्यूनतम बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं।
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- शेड का अभाव: बारिश के मौसम में किसानों और उनकी उपज को सहेजने के लिए कोई शेड (छाया) नहीं बनाई गई है।
- पीने के पानी की किल्लत: दूर-दूर से ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर आने वाले किसानों के लिए पीने के साफ पानी तक का इंतजाम नहीं है।
- परिसर बना दलदल: वेयरहाउस परिसर में मुरुम या कंक्रीट न डाले जाने के कारण पहली ही बारिश में पूरी जगह दलदल में तब्दील हो चुकी है, जिससे ट्रैक्टर धंस रहे हैं और अनाज के गीले होने का खतरा बना हुआ है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर
मूँग खरीदी और अन्य फसलों के उपार्जन के दौरान सामने आई बदहाली की यह तस्वीर अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। कीचड़ में हाथ में तिरंगा थामे और भारत माता की जय के नारे लगाते किसानों के इस वीडियो ने प्रशासन के दावों की पोल खोल कर रख दी है। क्षेत्र के किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही वेयरहाउस परिसरों की स्थिति नहीं सुधारी गई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।