
ब्यूरो रिपोर्ट
जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल एवं हिल स्टेशन कुकरू में कॉफी प्लांटेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कृषि विज्ञान केंद्र बैतूल बाजार, उद्यानिकी विभाग सहित संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर विस्तार से चर्चा की।
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने कुकरू में कॉफी उत्पादन के लिए आवश्यक जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एकीकृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने आरईएस, नाबार्ड एवं पीएचई को वाटरशेड सहित विभिन्न जल संरचनाओं के माध्यम से पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एकीकृत रूप से कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कुकरू में कॉफी उत्पादन की संभावनाओं को देखते हुए निर्धारित क्षेत्र के साथ-साथ अन्य संभावित क्षेत्रों का भी चिन्हांकन किया जाए। कलेक्टर ने नाबार्ड को क्षेत्र का सर्वे कर कॉफी उत्पादन की संभावनाओं का विस्तृत आकलन करने के निर्देश दिए।
बैठक में कुकरू क्षेत्र में रोबेस्टा एवं अरेबिका किस्म की कॉफी के उत्पादन की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि कॉफी उत्पादन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय किसानों को नई आय का स्रोत मिलेगा तथा क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इसके लिए निर्धारित एफपीओ का गठन कर अधिक से अधिक किसानों को इससे जोड़ा जाए तथा किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन एवं आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। कलेक्टर ने कुकरू क्षेत्र में कॉफी प्लांटेशन के साथ सोलर मॉडल, मिलेट्स उत्पादन एवं ड्रिप सिंचाई प्रणाली जैसे प्रोजेक्ट्स को भी गति देने के निर्देश दिए।
बैठक में कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. तिवारी, डॉ. इंगले, डॉ. बोहर पी तथा उद्यानिकी विभाग से श्री आर के कोरी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



