
ब्यूरो रिपोर्ट
छिंदवाड़ा (SCN News India)। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाला एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के बिचबरी माध्यमिक शाला (मिडिल स्कूल) के छात्र-छात्राओं ने स्कूल के ही प्रभारी प्राचार्य और एक अतिथि शिक्षिका के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। नौनिहालों का आरोप है कि स्कूल में पढ़ाई-लिखाई पूरी तरह ठप हो चुकी है और जिम्मेदार शिक्षक बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। मामले की लिखित शिकायत जिला मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई में भी पहुंच चुकी है। मामले की जांच जारी है। जाँच के बाद ही सच सामने आ सकेगा। सोशल मीडिया पर स्कूल परिसर का एक कथित वीडियो भी तेजी से वायरल हुआ है, जिसके बाद यह पूरा विवाद सामने आया।
सर-मैडम पर लगे गंभीर आरोप, पढ़ाई छोड़ दूसरी गतिविधियों में व्यस्त
स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बिचबरी मिडिल स्कूल के प्रभारी प्राचार्य लोकेंद्र लोधी और अतिथि शिक्षिका दीपिका ठाकरे पर गंभीर आरोप लगे हैं। स्कूली बच्चों का साफ़ तौर पर कहना है कि क्लास में पढ़ाई की जगह अन्य अवांछित गतिविधियां संचालित हो रही हैं। छात्रों ने बेहद गंभीर लहजे में शिकायत की है कि सर और मैडम स्कूल के समय में बच्चों को पढ़ाने के बजाय हर वक्त साथ में ही व्यस्त रहते हैं। इस वजह से क्लास में कोर्स पिछड़ रहा है और स्कूल का शैक्षणिक माहौल पूरी तरह बर्बाद हो चुका है।
जनसुनवाई तक पहुंचा मामला, लाखों की सैलरी पर उठे सवाल
शासकीय स्कूल के इस बदहाल और आपत्तिजनक ढर्रे से परेशान होकर आखिरकार बच्चों और उनके अभिभावकों को जिला प्रशासन की शरण लेनी पड़ी। इस पूरे मामले की विस्तृत शिकायत कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में दर्ज कराई जा चुकी है। ग्रामीणों और समाजसेवियों का कहना है कि सरकार इन शिक्षकों को बच्चों का भविष्य संवारने के लिए हर महीने लाखों रुपये की मोटी तनख्वाह (सैलरी) दे रही है, लेकिन ज़मीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। लाखों की सैलरी डकारने वाले ये जिम्मेदार शिक्षक स्कूल की मर्यादा भूलकर अपनी मनमानी पर उतारू हैं।
जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग
शिकायत सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला प्रशासन पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। पालकों ने मांग की है कि इस गंभीर शिकायत की निष्पक्ष जांच कराई जाए और प्रभारी प्राचार्य लोकेंद्र लोधी सहित अतिथि शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से स्कूल से हटाया जाए। यदि जल्द ही इस मामले में ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं होती है, तो ग्रामीणों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
अब देखना यह होगा कि जनसुनवाई में पहुंचे इस संवेदनशील मामले पर जिला प्रशासन और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कितनी तत्परता से एक्शन लेते हैं।






