
भोपाल: राजधानी के मिसरोद स्थित नवीन शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में सोमवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्र-छात्राएं अपनी ही शिक्षिका के खिलाफ सड़क पर धरने पर बैठ गए। छात्रों ने स्कूल की भौतिकी (Physics/Science) शिक्षिका बबीता कुशवाह पर मानसिक प्रताड़ना, अवैध वसूली और दुर्व्यवहार के बेहद गंभीर आरोप लगाए। करीब 4 घंटे तक चले इस हंगामे और पुलिस व शिक्षा विभाग की मध्यस्थता के बाद शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से स्कूल से हटा दिया गया है।
छात्रों ने लगाए ये गंभीर आरोप
सड़क पर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं का आरोप है कि शिक्षिका बबीता कुशवाह:
- गैर-शैक्षणिक कार्य कराना: स्कूल में आयोजित होने वाली यूपीएससी (UPSC) व अन्य सरकारी भर्ती परीक्षाओं के दौरान छात्रों से जबरन कर्मचारियों की तरह बेंच शिफ्टिंग और साफ-सफाई कराई जाती थी, जिसके लिए उन्हें रविवार को भी बुलाया जाता था।
- प्रोजेक्ट के नाम पर वसूली: छात्रों से कथित तौर पर हर महीने प्रोजेक्ट और पास-फेल कराने के नाम पर पैसों की मांग की जाती थी।
- मारपीट और धमकी: बात न मानने या विरोध करने पर छात्रों को लोहे की पाइप से पीटने और परीक्षा में फेल करने की धमकी दी जाती थी।
छात्रों ने अपनी शिकायत के समर्थन में प्रिंसिपल को एक लिखित शिकायती पत्र और एक कथित बातचीत का ऑडियो भी सौंपा है।
शिक्षिका ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
दूसरी ओर, शिक्षिका बबीता कुशवाह ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताया है। उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि वह 1999 से अध्यापन कर रही हैं और फिजिक्स विषय में छात्रों का परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए केवल थोड़ी सख्ती बरतती थीं। पैसे लेने या जबरन परिसर साफ कराने जैसी कोई बात नहीं है।
प्रशासनिक कार्रवाई और जांच
मिसरोद थाना प्रभारी और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) अभिनव आर्य के मौके पर पहुंचने और कार्रवाई का भरोसा देने के बाद छात्र शांत हुए। DEO अभिनव आर्य के मुताबिक, छात्रों की शिकायत की गंभीरता को देखते हुए शिक्षिका बबीता कुशवाह को तत्काल बागरोदा हायर सेकेंडरी स्कूल में ट्रांसफर कर दिया गया है और एक विशेष समिति बनाकर मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है, जिसकी रिपोर्ट जल्द सामने आएगी।






