
शोक में डूबी अवधपुरी, छलका भरत का प्रेम
पंचवटी में हुआ सीता हरण, रामलीला के आठवें दिन मंच पर जीवंत हुए दशरथ निधन, भरत मिलाप, सीता हरण और सुग्रीव मित्रता के भावुक प्रसंग
बैतूल। रामलीला मैदान गंज में श्री कृष्ण पंजाब सेवा समिति, बैतूल द्वारा आयोजित 69वें रामलीला व दशहरा उत्सव की आठवीं शाम 17 अक्टूबर, शनिवार करुणा, भ्रातृ-प्रेम और पौराणिक मोड़ से भरे प्रसंगों की साक्षी बनी। रीवा के प्रसिद्ध श्री गणेश रामलीला मंडल, मऊगंज के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत दशरथ निधन, भरत मिलाप, सीता हरण, हनुमान परिचय और सुग्रीव मित्रता के सजीव मंचन ने दर्शकों को देर रात तक भाव-विभोर और स्तब्ध रखा।

दशरथ निधन और भरत मिलाप का मार्मिक मंचन
शनिवार रात्रि 9 बजे से शुरू हुए मंचन में सबसे पहले पुत्र वियोग में राजा दशरथ के राम-राम रटते हुए अपने प्राण त्यागने का कारुणिक दृश्य प्रस्तुत किया गया। इसके उपरांत ननिहाल से लौटे राजकुमार भरत द्वारा माता कैकई के कृत्य का धिक्कार करने और श्रीराम को वापस अवध लाने के लिए चित्रकूट प्रस्थान का प्रसंग मंचित हुआ। चित्रकूट में भरत मिलाप के दौरान दोनों भाइयों के अलौकिक प्रेम और श्रीराम द्वारा चरण पादुका प्रदान करने के दृश्य ने रामलीला मैदान में उपस्थित हर श्रद्धालु की आंखें नम कर दीं।
– साधु वेश में रावण का छल, सीता हरण और सुग्रीव से मित्रता
कथा आगे बढ़ी और पंचवटी में स्वर्ण मृग का छलावा, लक्ष्मण रेखा और लंकापति रावण द्वारा साधु वेश धारण कर माता सीता के छलपूर्वक हरण का सनसनीखेज मंचन किया गया। माता सीता की खोज में भटकते हुए श्रीराम-लक्ष्मण का ऋष्यमूक पर्वत पर हनुमान जी से प्रथम परिचय और अग्नि को साक्षी मानकर सुग्रीव से मित्रता के दृश्यों को कलाकारों ने ओजस्वी संवादों और जीवंत अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया।
– 69 वर्षों की गौरवशाली परंपरा
बैतूल गंज में 69 वर्षों के अनुपम इतिहास के साथ आयोजित यह 12 दिवसीय भव्य महोत्सव श्री कृष्ण पंजाब सेवा समिति, बैतूल द्वारा पंजाब युवा सेवा समिति एवं श्री कृष्ण पंजाबी महिला कीर्तन मंडल, बैतूल के विशेष सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। आयोजन स्थल पर दर्शनार्थियों और विशेष रूप से महिलाओं के बैठने के लिए सुदृढ़ पृथक व्यवस्था की गई है।
– रामलीला में आज
उत्सव के नौवें दिन, 18 अक्टूबर (रविवार) को रात्रि 9 बजे से बाली वध, लंका दहन, रामेश्वर स्थापना तथा अंगद-रावण संवाद के अति-रोमांचक प्रसंगों का सजीव मंचन किया जाएगा।






