
विशेष ब्यूरो, भोपाल
मध्य प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने प्रदेश की ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक कसावट लाने के लिए एक बेहद सख्त और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा चलाए जा रहे ‘जन विश्वास अभियान’ के तहत मिलीं गंभीर शिकायतों के बाद विभाग ने पंचायत सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों (GRS) के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के नए कड़े नियम लागू कर दिए हैं।
मध्य प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने प्रदेश की ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक कसावट लाने के लिए एक बेहद सख्त और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा चलाए जा रहे ‘जन विश्वास अभियान’ के तहत मिलीं गंभीर शिकायतों के बाद विभाग ने पंचायत सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों (GRS) के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के नए कड़े नियम लागू कर दिए हैं।
पंचायती राज संचालनालय के आयुक्त शमीमउद्दीन के अनुसार, अब ग्राम पंचायत सचिवों की मनमानी पर लगाम कसने के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) को सीधे अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए सक्षम प्राधिकारी बना दिया गया है।
अब इन 6 मामलों में तुरंत जारी होगा नोटिस
नए नियमों के तहत, यदि कोई पंचायत सचिव या रोजगार सहायक निम्नलिखित 6 गड़बड़ियों में संलिप्त पाया जाता है, तो उसे महज 7 दिन का कारण बताओ नोटिस देकर सुनवाई का अवसर दिया जाएगा और तुरंत सजा तय कर दी जाएगी:
- अमर्यादित आचरण करने की दशा में।
- गंभीर अनुशासनहीनता का आचरण दिखाने पर।
- अपने कर्तव्य और मुख्यालय से लगातार अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने पर।
- वित्तीय अनियमितता करने, गबन करने या सरकार को वित्तीय हानि पहुँचाने पर।
- मप्र पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम के नियमों के उल्लंघन में दोषी पाए जाने पर।
- किसी सरकारी राशि की रिकवरी (वसूली) का आदेश पारित होने पर।
गड़बड़ी करने पर मिलेंगे ये 4 प्रकार के कड़े दंड
नए नियम प्रभावशील होने के बाद अब लापरवाह और दोषी कर्मचारियों को 4 श्रेणियों में सजा दी जाएगी:
- सेवा समाप्त करना: गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी या गबन के मामलों में सीधे नौकरी से निकाला जाएगा।
- वेतनवृद्धि रोकना: काम में लापरवाही और बिना सूचना गायब रहने पर इंक्रीमेंट रोक दिया जाएगा।
- वित्तीय नुकसान की वसूली: पंचायत या राज्य सरकार को पहुँचाई गई किसी भी आर्थिक क्षति की पूरी राशि दोषी कर्मचारी की जेब से वसूली जाएगी।
- अवैतनिक घोषित करना: अनाधिकृत रूप से ड्यूटी से गायब रहने की पूरी अवधि को ‘अकार्य दिवस’ या ‘अवैतनिक’ (No Work No Pay) माना जाएगा।
घर से दफ्तर चलाने और पंचायत भवन बंद रखने पर सख्त एक्शन
शासन के नए निर्देशों के मुताबिक, कोई भी पंचायत सचिव या GRS अपने निजी आवास या किसी अन्य स्थान से सरकारी दफ्तर नहीं चला सकेगा। उन्हें अनिवार्य रूप से तय समय पर पंचायत भवन में उपस्थित रहना होगा ताकि ग्रामीणों को अपने जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, या अन्य योजनाओं के लिए भटकना न पड़े। निरीक्षण के दौरान सरकारी कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर या फर्नीचर किसी के घर पर पाया गया, तो उसे तत्काल जब्त कर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।




