इंदौर -देश में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण और सुबह-सुबह कचरा गाड़ियों से होने वाले कानफोड़ू शोर पर हाईकोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए माननीय उच्च न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कचरा उठाने वाली गाड़ियों (Municipal Waste Vehicles) के लाउडस्पीकर की आवाज को तुरंत नियंत्रित किया जाए। इसके साथ ही, ध्वनि प्रदूषण के नियमों का पालन जमीनी स्तर पर सुनिश्चित करने के लिए कोर्ट ने हर पुलिस थाने में साउंड मीटर (Sound Level Meter) उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं।
सुबह के शोर से जनता को मिलेगी राहत
अक्सर देखा जाता है कि सुबह के समय नगर निगम या नगर पालिका की कचरा गाड़ियाँ बेहद तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाती हैं। इससे बीमार बुजुर्गों, छोटे बच्चों और रात की शिफ्ट करके सो रहे कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि स्वच्छता का संदेश देना जरूरी है, लेकिन इसकी आड़ में नागरिकों के ‘शांति से जीने के अधिकार’ का हनन नहीं किया जा सकता।
हाईकोर्ट के प्रमुख निर्देश:
- कचरा गाड़ियों की आवाज होगी कम: सभी स्थानीय निकायों (नगर निगम/पालिका) को आदेश दिया गया है कि वे कचरा गाड़ियों में लगे लाउडस्पीकरों की आवाज को निर्धारित डेसिबल सीमा के भीतर रखें।
- हर थाने में होगा साउंड मीटर: ध्वनि प्रदूषण की शिकायतों पर तुरंत एक्शन लेने के लिए हर पुलिस स्टेशन में साउंड डेसिबल मीटर रखा जाएगा, जिससे पुलिस मौके पर ही शोर का स्तर नाप सके।
- लापरवाही पर होगी कार्रवाई: यदि कोई वाहन या लाउडस्पीकर तय सीमा से अधिक शोर करता पाया गया, तो पुलिस और प्रशासन को उस पर भारी जुर्माना लगाने और उपकरण जब्त करने के अधिकार दिए गए हैं।
- साइलेंस जोन में सख्त पाबंदी: अस्पताल, कोर्ट और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास (साइलेंस जोन) कचरा गाड़ियों द्वारा किसी भी तरह का लाउडस्पीकर बजाने पर पूरी तरह रोक लगाने को कहा गया है।
पुलिस और नगर निगम को मिलकर काम करने के आदेश
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और गृह विभाग को निर्देशित किया है कि वे जल्द से जल्द सभी थानों को आधुनिक साउंड मीटर किट्स उपलब्ध कराएं। साथ ही पुलिस कर्मियों को इसे ऑपरेट करने की ट्रेनिंग भी दी जाए। कोर्ट ने साफ किया कि केवल नियम बनाना काफी नहीं है, बल्कि थानों में उपकरणों की उपलब्धता होने से नियमों को कड़ाई से लागू किया जा सकेगा।
इस फैसले के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि सुबह-सुबह होने वाले इस ध्वनि प्रदूषण से आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।





