
1–त्रिपक्षीय बैठक के तय समय पर अचानक सतपुडा प्लांट प्रबंधन एवं भेल कंपनी के अधिकारीयों ने सामूहिक बैठक पर दी असहमति, नई यूनिट के निर्माण कार्य के प्रभारी अधिकारी ए एन सिंह भी रहे नदारत, नहीं बनाया समन्वय
2–मुख्य अभियंता कार्यालय के बाहर अपने अधिकारों की मांगों को लेकर संघर्ष समिति के पदाधिकारी एवं ठेकेदारों ने की नारेबाजी
3–नए प्लांट के निर्माण का काम लेने वाली भेल कंपनी और प्लांट प्रबंधन के श्रम कल्याण अधिकारी नरेश पंनवार के खिलाफ आक्रोश , अब सारणी नगर बंद या आंदोलन की तैयारी
सारणी बचाओ संघर्ष समिति और सतपुड़ा कांट्रेक्टर एसोसिएशन के पदाधिकारीयों की बैठक सतपुड़ा प्लांट प्रबंधन एवं नई इकाई के निर्माण कार्य में कार्यरत भेल कंपनी के अधिकारियों के साथ आज होना तय हुई थी इसके लिए नियम अनुसार सारणी बचाओ संघर्ष समिति एवं सतपुड़ा कांट्रेक्टर एसोसिएशन द्वारा प्रबंधन के साथ पूर्व में पत्राचार भी किया गया था एवं ज्ञापन भी सोपा गया था इसके बाद आज कई मुद्दों पर बैठक किया जाना तय हुआ परंतु बैठक की शुरुआत में ही प्लांट प्रबंधन द्वारा बैठक से इनकार कर दिया गया इसके बाद मुख्य अभियंता कार्यालय के कांफ्रेंस हॉल में जहां त्रिपक्षीय बैठक संपन्न होनी थी वहां तनाव की स्थिति बन गई एवं मुख्य अभियंता द्वारा संगठन के पदाधिकारी से अपने कक्ष में बुलाकर अलग-अलग चर्चा की जाने लगी इसके पश्चात असंतोष और बढ़ गया और सभी पदाधिकारीयो और सदस्यों ने एक स्वर में बैठक का बहिष्कार कर दिया।

सतपुड़ा कांट्रेक्टर एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष नागेंद्र निगम ने बताया
की गौरतलब रहे बीएचईएल की सहयोगी कंपनी महारैल ने पावर प्लांट में दो कार्य लिए हैं जिसमे पहला 119 करोड़ 56 लाख और दूसरा 205 करोड़ का उक्त कंपनी द्वारा पावर प्लांट के निर्माण कार्य में आल साइज का सरिया काटने से लेकर ऊंचाई तक सरिया बाँधने का रेट 55 रुपये किलो तय किया है, जबकि मप्र सरकार के एसओआर से आधे रेट से भी कम है l वहीं डेढ़ मीटर तक की मिट्टी खुदाई का रेट 147 रुपए है जबकि महारैल की सहयोगी कंपनी बीबीजी 62 से 67 रुपए क्यूबीक मीटर दें रही है l जो वर्तमान बाजार दर से बहुत कम है l

निगम ने बताया की रेट सुधार की मांग को लेकर गुरुवार ठेकेदार साथी मय रिकार्ड बैठक करने वाले थे लेकिन ठेकेदारों की एकता से घबराए स्थानीय भेल प्रबंधन ने बैठक टालने के लिए केवल पांच ठेकेदारों के साथ बैठक करने की शर्त रख दी l जिससे नाराज ठेकेदारों ने बैठक का विरोध कर दिया
ठेकेदार संगठन के अध्यक्ष महेश चौहान एवं सचिव नन्हे चंद्रवंशी ने कहा की 40 साल से मंडल में अपनी -अपनी सेवाएं देने वाले स्थानीय ठेकेदारों के पास काम नहीं हैं भेल से काम लेने वाली महारेल ने पेटी में बीबीजी कंपनी को काम दें दिया है, रेट बहुत कम होने के कारण स्थानीय ठेकेदार बेरोजगार बने बैठे हैं l उन्होंने कहा की भेल प्रबंधन को ठेकेदारों से चर्चा कर रेट में सुधार करवाना चाहिए l

सारणी बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अरविंद सोनी और संचालक अखिलेश तिवारी ने बताया कि बताया की पावर जनरेटिंग कंपनी से भारत हैवी इलेक्ट्रीकल्स लिमिटेड कंपनी ने 6446 करोड़ के कार्य को लगभग 12हजार13 लाख,77, हजार 920 रुपये मैं लिया है पावर जनरेटिंग कंपनी से करीबन 48 प्रतिशत अधिक रेट में बिजली इकाई निर्माण का कार्य लेने वाली भेल कंपनी ने महारेल को महारेल ने बीबीजी को पेटी में काम दे दिया है जो मजदूरों का शोषण करने पर उतारु है जो नियम विरुद्ध है।

बैठक में प्रमुख रूप से सारणी बचाओ संघर्ष समिति सहसंयोजक सुनील भारद्वाज, पाथाखेड़ा व्यापारी संघ अध्यक्ष एवं विधायक प्रतिनिधि संजय अग्रवाल, वरिष्ठ ठेकेदार प्रेम सातनकर तिरुपति एरुलु, दीपक तिवारी, नारायण सोलंकी, नन्हे सिंह,अजय श्रीवास्तव जगदीश आहूजा, नारायण दिनेश साबले,हेमंत धोटे, विजय पड़लक, सन्नी एरुल, , हेमंत रघुवंशी,कमलेश धोटे,सम्मिम रिजवी, सहित तीन दर्जन ठेकेदार मौजूद थे l




