
बैतूल। पत्रकारों के खिलाफ अपराधों के लिए दंड मुक्ति समाप्त करने पर अंतरर्राष्ट्रीय दिवस 2 नवंबर को मनाया जाता है। इस अवसर पर आकाशवाणी बैतूल द्वारा एक विशेष चर्चा प्रसारित की जाएगी। इस महत्वपूर्ण विषय पर वरिष्ठ पत्रकार डॉ. मयंक भार्गव विस्तार से अपने विचार रखेंगे। उनसे सचिन भागवत कार्यक्रम अधिकारी द्वारा चर्चा की गई है। इस विशेष चर्चा का प्रसारण 2 नवंबर (सोमवार) को रात्रि 8.30 बजे से किया जाएगा।
- चर्चा के दौरान पत्रकारिता में आने वाली चुनौतियां जैसे 2 नवंबर को मनाए जाने वाले इस अंतर्राष्ट्रीय दिवस का क्या महत्व है?
- पत्रकारों के विरुद्ध अपराधों में दंडमुक्ति का क्या अर्थ है?
- बैतूल में पत्रकारिता करते समय स्थानीय पत्रकारों को किन प्रमुख चुनौतियों का सामना करना पड़ता है?
- क्या जनहित से जुड़ी खबरें प्रकाशित करने पर पत्रकारों पर दबाव या धमकी की परिस्थितियाँ बनती हैं?
- किसी पत्रकार को धमकी या हमले का सामना करना पड़े, तो उसे क्या करना चाहिए?
- ऐसे मामलों में पुलिस और जिला प्रशासन की क्या जिम्मेदारी है? पत्रकारों के विरुद्ध अपराधों में कार्रवाई में देरी होने से पत्रकारिता और जनता पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- डिजिटल मीडिया के दौर में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कौन-से नए कदम जरूरी हैं?
- बैतूल और मध्य प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा बेहतर बनाने के लिए आपके तीन प्रमुख सुझाव क्या हैं?
- महिला पत्रकारों को ऑनलाइन उत्पीडऩ या धमकियों जैसी अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
उनकी सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए? फर्जी खबरों और गलत सूचनाओं के बढ़ते प्रसार के बीच पत्रकारों की विश्वसनीयता और सुरक्षा को कैसे बनाए रखा जा सकता है? पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता के बीच क्या संबंध है?बैतूल जिले में वर्तमान समय में पत्रकारिता की स्थिति को आप किस रूप में देखते हैं? क्या बैतूल में पत्रकारों को अपना काम स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से करने के लिए पर्याप्त सहयोग और सुरक्षा मिलती है? का डॉ. मयंक भार्गव द्वारा जवाब दिया गया है। इसके साथ ही डॉ. भार्गव ने बैतूल जिले के नागरिकों से अपील भी की ताकि पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्रता के प्रति समाज में जागरूकता बढ़े।




