
सारनी बिजली कंपनी ने अपने नियमित कार्मिकों को राज्य शासन के आदेशानुसार 60 प्रतिशत मंहगाई भत्ते के आदेश दिनांक 30 अक्टूबर 26 को जारी कर दिए। लेकिन दूसरी ओर पेंशनर्स के मंहगाई राहत के आदेश जारी नहीं कर अपनी मनमानी की है।
हमारा ऊर्जा विभाग भी बेबस है। यह आरोप विद्युत मंडल कर्मचारी यूनियन ने लगाया है। केंद्र सरकार ने अपने लगभग 48 लाख कार्मिकों को और 68 लाख पेंशनर्स को दीपावली के पहले 3 प्रतिशत मंहगाई भत्ता और पेंशनर्स को भी 3 % मंहगाई राहत की घोषणा करने के बाद विद्युत मंडल कर्मचारी यूनियन मध्यप्रदेश ने मध्यप्रदेश शासन से मंहगाई भत्ता और पेंशनर्स के लिए मंहगाई राहत के आदेश की मांग की । राज्य शासन को पिछले 10 माह से महंगाई भत्ते में 58 प्रतिशत से 60 प्रतिशत करने का समय नही मिला।
केंद्र सरकार ने दीपावली से पूर्व 3 प्रतिशत मंहगाई भत्ता बढाकर 63 प्रतिशत जुलाई 2026 से एरियर्स सहित कर्मचारी/ पेंशनर्स को भी देने की घोषणा कर दी। जो अक्टूबर माह के वेतन के साथ एरियर्स सहित दिया गया। बिजली कंपनियों ने पेंशनर्स के योगदान को भुला दिया है। जब कार्मिक अपनी सेवा से सेवानिवृत्त होता है तो प्रशासन सेवानिवृत्त हुए कार्मिकों को आश्वस्त करता है कि प्रबंधन पेंशनर्स के साथ है। यह सब दिखावा है। पेंशनर्स ने अपना जीवन प्रदेश के लिए समर्पित किया है।
सरकार को पेंशनर्स को अनदेखा नही करना चाहिए। विद्युत मंडल कर्मचारी यूनियन मध्यप्रदेश के प्रांतीय महामंत्री सुशील शर्मा और क्षेत्रीय महामंत्री अंबादास सूने ने संयुक्त रूप से मांग की है कि मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड जबलपुर के साथ सभी बिजली कंपनी महंगाई राहत के एरियर्स सहित देने के आदेश शीघ्र जारी करने की माँग की गई।




