
chitrakoot news today चित्रकूट/सतना: मध्य प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी और सेमरावल नदियों के उफान के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। रिहायशी इलाकों और तीन मंजिला मकानों में फंसे सैकड़ों लोगों की जान बचाने के लिए अब भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) ने कमान संभाल ली है। जिला प्रशासन की विशेष मांग और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के बाद इंडियन एयरफोर्स का रेस्क्यू हेलीकॉप्टर चित्रकूट पहुंच चुका है और तेजी से एयरलिफ्ट का काम शुरू कर दिया गया है।
छतों पर फंसे लोगों को किया जा रहा एयरलिफ्ट
चित्रकूट के रामधाम, मुख्य बाजार और निचले तटीय इलाकों में पानी का बहाव इतना तेज है कि वहां नावों (Boats) के जरिए पहुंचना नामुमकिन हो गया था। कई परिवारों ने मकानों की तीसरी मंजिल और छतों पर शरण ले रखी है। वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद से जांबाज जवान आसमान से रस्सी और क्रेन के सहारे नीचे उतर रहे हैं और बाढ़ के पानी के बीच जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं।
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के साथ वायुसेना का बड़ा तालमेल
जमीन पर पहले से ही एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय पुलिस-प्रशासन की टीमें मुस्तैद हैं, लेकिन जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी और तेज बहाव को देखते हुए वायुसेना का यह रेस्क्यू ऑपरेशन गेम-चेंजर साबित हो रहा है। हेलीकॉप्टर के जरिए न सिर्फ लोगों को निकाला जा रहा है, बल्कि पानी में घिरे उन लोगों तक भोजन के पैकेट, पीने का साफ पानी और जरूरी दवाइयां (Food Packets and Relief Material) भी ड्रॉप की जा रही हैं जो अभी सुरक्षित ठिकानों पर हैं लेकिन
बाहर नहीं आ सकते।
मुख्यमंत्री खुद रख रहे हैं पल-पल की नजर chitrakoot news today
रविवार को खुद चित्रकूट के ग्राउंड जीरो पर हालात का जायजा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की लाइव निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जब तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से आखिरी व्यक्ति को सुरक्षित बाहर नहीं निकाल लिया जाता, तब तक रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी क्षमता के साथ जारी रहना चाहिए।






