
🔹 jila aspatal betul सीजर डिलीवरी और बेहतर इलाज का झांसा देकर मरीजों के परिजनों से मांगता था रुपये
🔹 बैतूल के अलावा इंदौर एवं भोपाल में भी इसी तरह की धोखाधड़ी करने के मामले आए सामने
🔹 आरोपी मोबाइल पर QR कोड भेजकर UPI के माध्यम से खातों में ट्रांसफर करवाता था रकम
🔹 कोतवाली पुलिस की विशेष टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को किया गिरफ्तार
🔹 पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में jila aspatal betu जिला अस्पताल बैतूल में प्रसव एवं सीजर डिलीवरी के दौरान बेहतर इलाज कराने का झांसा देकर मरीजों के परिजनों से ऑनलाइन रुपये ऐंठने वाले आरोपी को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। आरोपी स्वयं को डॉक्टर बताकर मरीजों के परिजनों को फोन करता था और ऑपरेशन एवं बेहतर उपचार के नाम पर QR कोड भेजकर UPI के माध्यम से रुपये ट्रांसफर करवाता था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपुसे एवं एसडीओपी बैतूल सुश्री अन्नपूर्णा सिरसाम के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली पुलिस की विशेष टीम गठित की गई थी।
🔹 ऐसे देता था धोखाधड़ी को अंजाम jila aspatal betul
1. दिनांक 19 अक्टूबर 2026 को फरियादी विजय नागले निवासी मंडई खुर्द, थाना कोतवाली बैतूल ने अपनी पत्नी मीरा नागले को प्रसव हेतु जिला अस्पताल बैतूल के महिला वार्ड में भर्ती कराया था। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उनकी पत्नी को सीजर डिलीवरी के लिए ऑपरेशन वार्ड में ले जाया गया।
2. इसी दौरान फरियादी के मोबाइल पर अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। उसने स्वयं को डॉक्टर बताते हुए कहा कि वह सीजर ऑपरेशन अच्छी तरह कर देगा और टांके भी ठीक से लगाएगा, ताकि भविष्य में कोई परेशानी न हो। इसके लिए उसने 5,000 रुपये की मांग की और QR कोड भेजकर ऑनलाइन भुगतान करने को कहा।
3. फरियादी के पास कीपैड मोबाइल होने के कारण उसने अपने भाई संजय नागले को इसकी जानकारी दी। संजय नागले ने आरोपी से बात करने के बाद उसके द्वारा भेजे गए QR कोड पर फोन-पे के माध्यम से 5,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
4. इसी प्रकार jila aspatal betul जिला अस्पताल में भर्ती अन्य महिला रेसु आरसे के परिजन से भी बेहतर डिलीवरी कराने के नाम पर 5,000 रुपये मांगे गए, जिनमें से 3,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए।
5. इससे पूर्व दिनांक 14 अक्टूबर 2026 कोjila aspatal betu जिला अस्पताल में प्रसव हेतु भर्ती कविता पिपरदे के परिजनों से भी इसी मोबाइल नंबर के माध्यम से सीजर डिलीवरी अच्छी तरह कराने के नाम पर 6,000 रुपये मांगे गए थे, जिनमें से 3,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए।
🔹jila aspatal betul इस प्रकार अज्ञात व्यक्ति द्वारा स्वयं को डॉक्टर बताकर प्रसूता महिलाओं के परिजनों को विश्वास में लिया जाता था तथा बेहतर उपचार एवं सीजर डिलीवरी के नाम पर ऑनलाइन भुगतान करवाकर धोखाधड़ी की जा रही थी।
🔹थाना कोतवाली में अपराध दर्ज, विशेष टीम गठित
फरियादी की रिपोर्ट पर दिनांक 22 अक्टूबर 2026 को थाना कोतवाली बैतूल में अपराध क्रमांक 911/2026, धारा 308(2) भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। इसके अतिरिक्त एक अन्य अपराध में आरोपी द्वारा फरियादी के बच्चे की गले में नाल फंसने पर हमीदिया अस्पताल भोपाल रेफर किया गया था, इसके इलाज के नाम पर आरोपी द्वारा परियादी से 24000 रुपए की धोखाधड़ी की गई थी जिसमे थाना कोतवाली में प्रथक से प्रकरण दर्ज किया गया है।
🔹विवेचना के दौरान प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों एवं मोबाइल नंबरों की जांच के आधार पर आरोपी की पहचान जितेंद्र खाकरे, पिता दीनदयाल खाकरे, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम खापा, थाना आठनेर, जिला बैतूल के रूप में हुई। आरोपी की तलाश में पुलिस टीम द्वारा संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी गई। थाना प्रभारी निरीक्षक देवकरण डेहरिया के नेतृत्व तथा उप निरीक्षक छत्रपाल धुर्वे के हमराह पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को आरोपी को गिरफ्तार किया।
🔹 इंदौर और भोपाल में भी इसी तरह की धोखाधड़ी के मामले
पुलिस जांच में आरोपी के विरुद्ध इंदौर एवं भोपाल में भी इसी प्रकार की धोखाधड़ी के प्रकरण सामने आए हैं।
1. इंदौर का मामला: थाना संयोगितागंज, जिला इंदौर में वर्ष 2025 में अपराध क्रमांक 406/2025, धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत प्रकरण दर्ज हुआ था। इसमें आरोपी द्वारा एक व्यक्ति से उसकी मां के ऑपरेशन एवं बेहतर इलाज के नाम पर 8,000 रुपये तथा दो अन्य व्यक्तियों से क्रमशः 5,000 और 9,000 रुपये ऑनलाइन प्राप्त करने का आरोप है।
2. भोपाल का मामला: थाना कोहेफिजा, जिला भोपाल में अपराध क्रमांक 66/2026, धारा 318(4) एवं 319(2) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था। इस मामले में आरोपी पर स्वयं को हमीदिया अस्पताल का डॉक्टर बताकर प्रसव के दौरान बेहतर इलाज के नाम पर एक व्यक्ति से 8,000 रुपये तथा अन्य व्यक्तियों से भी इसी प्रकार UPI के माध्यम से रुपये प्राप्त करने के आरोप हैं।

🔹उपरोक्त प्रकरणों के संबंध में संबंधित थानों में दर्ज अपराधों के तथ्यों के आधार पर आगे की विवेचना की जा रही है।
🔹 पुलिस अधीक्षक की आमजन से अपील jila aspatal betul
पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन ने आमजन से अपील की है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों, विशेषकर प्रसूता महिलाओं के परिजन किसी भी अज्ञात व्यक्ति के फोन पर स्वयं को डॉक्टर या अस्पताल का कर्मचारी बताकर रुपये मांगने पर तत्काल विश्वास न करें। उपचार, ऑपरेशन, सीजर डिलीवरी अथवा बेहतर चिकित्सा सुविधा के नाम पर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए QR कोड पर बिना सत्यापन के ऑनलाइन भुगतान न करें।
🔹jila aspatal betul अस्पताल में उपचार संबंधी किसी भी भुगतान की मांग होने पर संबंधित चिकित्सक अथवा अस्पताल प्रबंधन से सीधे संपर्क कर पुष्टि करें। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं अथवा नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करें। सतर्कता ही साइबर धोखाधड़ी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
🔹 सराहनीय भूमिका
उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक देवकरण डेहरिया, उप निरीक्षक छत्रपाल धुर्वे, उप निरीक्षक रणधीर सिंह राजपूत, प्रधान आरक्षक दीपक कटियार, तरुण पटेल, शिवकुमार उइके, आरक्षक महेश, रामकिशन नागोटिया, नितिन चौहान तथा साइबर सेल से आरक्षक राजेंद्र धाड़से एवं पंकज नरवरे की सराहनीय भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक बैतूल द्वारा पुलिस टीम की कार्रवाई की प्रशंसा की गई है।


