
नई दिल्ली/भोपाल:
मध्य प्रदेश के पत्रकारिता के वृहद स्तम्भ एवं वरिष्ठ पत्रकार और ‘सबकी खबर’ (sabki khabar bhopal ) के संपादक श्री रवींद्र जैन को देश की सर्वोच्च अदालत से एक बड़ी कानूनी राहत मिली है। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री श्री भूपेंद्र सिंह द्वारा दिल्ली हाई कोर्ट में दायर किए गए मानहानि के मुकदमे में चल रही तमाम अदालती कार्यवाहियों पर तत्काल प्रभाव से रोक (Stay) लगा दी है।
डिवीजन बेंच ने दिया बड़ा आदेश
२५ सितंबर २०२६ को माननीय सुप्रीम कोर्ट में हुई इस महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान (sabki khabar bhopal ) वरिष्ठ पत्रकार श्री रवींद्र जैन की तरफ से सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट सुश्री शांभवी श्रीवास्तव कोर्ट रूम में पेश हुईं। उन्होंने पत्रकारिता की स्वतंत्रता और तथ्यों का हवाला देते हुए अदालत के समक्ष मजबूती से पक्ष रखा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए माननीय जस्टिस विक्रम नाथ और माननीय जस्टिस संदीप मेहता की डिवीजन बेंच ने दिल्ली हाई कोर्ट में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाने के आदेश जारी किए।
गूगल और मेटा को भी नोटिस जारी
सुनवाई के दौरान माननीय सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का दायरा बढ़ाते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही पर भी ध्यान दिया। अदालत ने इस मामले में मेटा प्लेटफॉर्म्स (Meta Platforms) और गूगल (Google) समेत सभी संबंधित प्रतिवादियों (Respondents) को भी औपचारिक नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री श्री भूपेंद्र सिंह द्वारा ‘सबकी खबर’ (sabki khabar bhopal ) के संपादक श्री रवींद्र जैन और अन्य के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में एक मानहानि का मुकदमा दायर किया गया था, जिसमें लगातार कानूनी प्रक्रियाएं चल रही थीं। इसके खिलाफ पत्रकार श्री जैन ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। देश की सर्वोच्च अदालत द्वारा दिल्ली हाई कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने के इस फैसले को मध्य प्रदेश के पत्रकारिता जगत में निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता की एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।






