
ब्यूरो रिपोर्ट
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने करेरा क्षेत्र में जांच टीम के माध्यम से कार्रवाई करते हुए ग्राम सिलारपुर निवासी आरोपी शिवराम लोधी (पिता बालिकराम लोधी) को अपने खेत की फसल सिंचाई के लिये 2 हार्स पॉवर की मोटर को निम्न दाब लाइन से सीधे अवैध रूप से चलाने (बिजली चोरी करने) का दोषी पाया। इस पर विशेष सत्र न्यायाधीश करेरा (शिवपुरी) श्री दिनेश कुमार खाटिक ने विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135(1)(a) के अंतर्गत 6 माह के सश्रम कारावास और 59,040 रूपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि अदा न करने की स्थिति में दोषी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विद्युत कंपनी की अपील
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी और अनधिकृत उपयोग के विरूद्ध कंपनी द्वारा निरंतर अभियान संचालित किया जा रहा है। समस्त उपभोक्ता वैध कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपयोग करें। बिजली चोरी न केवल एक दंडनीय अपराध है, बल्कि इससे विद्युत वितरण प्रणाली पर अनावश्यक भार पड़ता है, जिससे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बाधित होने के साथ ही कंपनी को राजस्व की हानि होती है। कंपनी ने कहा है कि अनधिकृत उपयोग अथवा बिजली चोरी पकड़े जाने पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि संबंधित के विरुद्ध न्यायालयीन कार्यवाही और जेल भेजने जैसे कड़े कदम भी उठाए जाएंगे। यदि उपभोक्ता अपने परिसर में गैर घरेलू (कमर्शियल) गतिविधि या उच्च क्षमता के उपकरण (जैसे कोल्ड स्टोरेज, ई-व्हीकल चार्जर) का उपयोग कर रहे हैं, तो नियमानुसार भार (Load) स्वीकृत कराएं तथा प्रयोजन के अनुसार कनेक्शन लें।





