
योगेश अतुलकर
लाखनवाड़ी: गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर आज क्षेत्र के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल लाखनवाड़ी में श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। श्री गुणवंत बाबा के समाधि स्थल पर सुबह तड़के से ही भक्तों का भारी तांता लग गया। देश और प्रदेश के कोने-कोने से आए हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
सुबह से ही लगीं लंबी कतारें
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मंदिर के कपाट भोर में ही विशेष पूजा-अर्चना और महाआरती के साथ खोल दिए गए थे। ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालु पवित्र ज्योत के दर्शन और समाधि पर माथा टेकने के लिए लाइनों में खड़े नजर आए। दोपहर होते-होते भीड़ इतनी बढ़ गई कि मंदिर परिसर से लेकर मुख्य मार्ग तक भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। पूरा परिसर “गुणवंत बाबा की जय” के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
महाप्रसाद और भंडारे का आयोजन
इस पावन दिन पर महाप्रसाद (भंडारे) का भी विशेष आयोजन किया गया, जहां हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। जगह-जगह स्वयंसेवकों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए ठंडे पानी, शर्बत और छाछ की व्यवस्था की गई थी।
सुरक्षा और प्रशासन की पुख्ता व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए वाहनों की पार्किंग मंदिर परिसर से दूर बनाई गई थी। जगह-जगह पर पुलिस बल और वालंटियर्स तैनात रहे, जिससे वृद्धों, महिलाओं और बच्चों को दर्शन करने में कोई असुविधा न हो।
भक्तों का कहना था कि गुरु पूर्णिमा पर बाबा के दर्शन मात्र से ही आत्मिक शांति मिलती है और जीवन के कष्ट दूर होते हैं। देर शाम तक महाआरती और भजनों का दौर चलता रहा, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा।