
* अवैध उगाही के लिए खरीदार के दो ब्लैंक चेक हड़पने और कूटरचना का आरोप
* कॉलोनी में बुनियादी विकास कार्य न करने पर भड़के पीड़ित, कानूनी नोटिस का दिया करारा जवाब
मुल्ताई/बैतूल।
क्षेत्र के रसूखदार बिल्डर और आर्यांश बसेरा रियल हाइट्स के प्रोप्राइटर अनिल देशमुख की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। जमीन के सौदे की आड़ में धोखाधड़ी, वित्तीय कूटरचना (Forgery) और बिना विकास कार्य किए भूखंड बेचने के गंभीर आरोपों को लेकर पीड़ित ग्रामीण ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (SDO/SDM) मुल्ताई के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई है। आवेदन में म.प्र. ग्राम पंचायत (कॉलोनियों का विकास) नियम, 2014 एवं रेरा (RERA) अधिनियम के नियमों के घोर उल्लंघन का हवाला देते हुए आरोपी बिल्डर का कॉलोनाइजर लाइसेंस तत्काल निरस्त करने की मांग की गई है।
## 🔍 यह है पूरा घटनाक्रम:
ग्राम देवभिलाई निवासी पीड़ित धागूजी पहाड़े ने मुल्ताई स्थित खसरा नंबर 129/2/1 में से प्लॉट नंबर 74 और 75 का वैध सौदा ₹8,05,000/- में तय किया था, जिसकी बकायदा पंजीकृत रजिस्ट्री (15-07-2026) भी हो चुकी है। पीड़ित द्वारा ₹3,00,000/- का भुगतान किया जा चुका है और शेष राशि ₹5,05,000/- देने हेतु वे तैयार हैं। आरोप है कि रजिस्ट्री के समय आरोपी अनिल देशमुख ने सोची-समझी साजिश के तहत, ‘सुरक्षा’ के नाम पर धागूजी के दो कोरे चेक (Blank Cheques) कपटपूर्वक अपने पास रख लिए। बाद में बदनीयती के चलते बिल्डर ने उन खाली चेकों में स्वयं ₹4,90,000/- और ₹85,000/- की फर्जी राशियाँ भरकर बैंक में लगा दीं और अब अतिरिक्त ₹5,75,000/- ऐंठने के लिए पीड़ित को झूठा कानूनी नोटिस भेजकर ब्लैकमेल कर रहा है।
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## 🗣️ पीड़ित का कथन: “सुरक्षा के नाम पर खाली चेक लेकर जाल में फंसाया”
“मैने अपनी मेहनत की कमाई से अनिल देशमुख से प्लॉट खरीदे थे। रजिस्ट्री के वक्त उसने मुझे झांसे में लेकर सुरक्षा के नाम पर दो ब्लैंक चेक रख लिए, जिसकी कोई लिखित रसीद भी नहीं दी। अब वह उन चेकों में मनगढ़ंत रकम भरकर मुझे जेल भिजवाने की धमकी दे रहा है और उन प्लॉट्स (84 और 85) पर दावा ठोक रहा है, जो कभी सौदे का हिस्सा ही नहीं थे। कॉलोनी में सड़क, पानी, बिजली, नाली कुछ नहीं बना है। मैने एसडीएम महोदय से गुहार लगाई है कि ऐसे जालसाज बिल्डर का लाइसेंस तुरंत निरस्त किया जाए ताकि कोई और गरीब न ठगा जाए।”
— श्री धागूजी पहाड़े (पीड़ित/शिकायतकर्ता), निवासी देवभिलाई
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## ⚖️ अधिवक्ता का विधिक कथन: “यह BNS और रेरा नियमों के तहत गंभीर अपराध है”
“मेरे पक्षकार श्री धागूजी पहाड़े के साथ सरासर वित्तीय धोखाधड़ी हुई है। कॉलोनाइजर द्वारा खाली चेक में खुद से राशि भरना भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत गंभीर वित्तीय कूटरचना और अवैध उगाही (Extortion) का आपराधिक कृत्य है। इसके विरुद्ध हम पुलिस अधीक्षक (SP) बैतूल को एफआईआर दर्ज करने हेतु आवेदन दे चुके हैं। साथ ही, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TNCP) से ले-आउट पास हुए डेढ़ साल से अधिक समय बीतने के बाद भी बिल्डर ने कॉलोनी में नियमानुसार डामर सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित नहीं की हैं, जो म.प्र. कॉलोनाइजेशन नियमों और रेरा (RERA) अधिनियम, 2016 की धाराओं का खुला उल्लंघन है। इसी आधार पर एसडीएम मुल्ताई से उनका कॉलोनाइजर लाइसेंस निरस्त करने की मांग की गई है। हमने उनके झूठे नोटिस का विधिक प्रत्युत्तर (Reply Notice) भी जारी कर दिया है।”
— भारत सेन (अधिवक्ता), सिविल कोर्ट बैतूल





