
मध्य प्रदेश सरकार ने रीवा के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल (एसजीएमएच) में पदस्थ रहीं निलंबित गायनेकोलॉजिस्ट (स्त्री रोग विशेषज्ञ) do sonal terminated डॉ. सोनल अग्रवाल के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई की है। शासन ने डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त (बर्खास्त) कर दी हैं। इसके साथ ही कार्यपरिषद (EC) के बड़े फैसले के तहत उन्हें भविष्य में किसी भी सरकारी नौकरी के लिए पूरी तरह अयोग्य घोषित कर दिया गया है।
कल्पना मिश्रा मौत मामले में हुई कार्रवाई
यह बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई चर्चित ‘कल्पना मिश्रा मौत मामले’ की जांच रिपोर्ट आने के बाद की गई है। do sonal terminated डॉ. सोनल अग्रवाल पर आरोप था कि वे सरकारी अस्पताल में आने वाले गंभीर मरीजों को इलाज के लिए निजी नर्सिंग होम रेफर कर देती थीं। इस मामले में लापरवाही और अनियमितताओं की शिकायत के बाद मध्य प्रदेश शासन ने एक चार सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया था।
यह बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई चर्चित ‘कल्पना मिश्रा मौत मामले’ की जांच रिपोर्ट आने के बाद की गई है। do sonal terminated डॉ. सोनल अग्रवाल पर आरोप था कि वे सरकारी अस्पताल में आने वाले गंभीर मरीजों को इलाज के लिए निजी नर्सिंग होम रेफर कर देती थीं। इस मामले में लापरवाही और अनियमितताओं की शिकायत के बाद मध्य प्रदेश शासन ने एक चार सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया था।
जांच में दोषी पाए जाने पर गिरी गाज
चार सदस्यीय समिति ने मामले की विस्तृत जांच के बाद अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपी थी। जांच रिपोर्ट में डॉ. सोनल अग्रवाल के खिलाफ गंभीर अनुशासनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई करने की सिफारिश की गई थी। इसके बाद मेडिकल कॉलेज की कार्यपरिषद (Executive Council) की बैठक में सर्वसम्मति से do sonal terminated उनकी बर्खास्तगी और भविष्य में सरकारी सेवा के लिए प्रतिबंधित करने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया।
चार सदस्यीय समिति ने मामले की विस्तृत जांच के बाद अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपी थी। जांच रिपोर्ट में डॉ. सोनल अग्रवाल के खिलाफ गंभीर अनुशासनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई करने की सिफारिश की गई थी। इसके बाद मेडिकल कॉलेज की कार्यपरिषद (Executive Council) की बैठक में सर्वसम्मति से do sonal terminated उनकी बर्खास्तगी और भविष्य में सरकारी सेवा के लिए प्रतिबंधित करने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया।
इस कड़े कदम से सरकारी डॉक्टरों द्वारा मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजने (प्राइवेट प्रैक्टिस/रेफरल खेल) की प्रवृत्ति पर लगाम कसने का कड़ा संदेश दिया गया है।






