
माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष महोदय जिला विधिक सेवा प्राधिकरणबैतूल के मार्गदर्शन में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर ए.डी.आर. भवन बैतूलमें विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में श्रीमती शर्मिला बिलवर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्री मिथिलेश दहरिया विधिक सहायता अधिकारी उपस्थित रहे
विधिक साक्षरता शिविर में श्रीमती शर्मिला बिलवर द्वारा बताया गया कि प्रतिवर्ष 01 अक्टूबर को ‘‘अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस’’ मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य वृद्धजनों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। वृद्धजनों की स्थिति समाज का एक ऐसा मुद्दा है जिस पर ध्यान दिया जाना अत्यंत आवश्यक है। हमारे बुजुर्गों का नई पीढी को खडा करने में बहुत बडा योगदान है। उनके ज्ञान, धैर्य और अनुभव से कई बातें सीखी जा सकती है, इसलिए समाज का हर वृद्ध व्यक्ति सम्मान का अधिकारी है।

शिविर में उपस्थित वृद्धजनों को नालसा (वरिष्ठ नागरिकों के लिए विधिक सेवाऐं) योजना 2016 की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना का मूल उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को दिए जाने वाले बुनियादी अधिकारों और लाभों की रूपरेखा तैयार करना तथा विभिन्न कानूनों और सरकारी योजनाओं व कार्यक्रमों के तहत उनके अधिकारों के बारे में जागरूकता फैलाना है। इसके साथ ही निःशुल्क विधिक सहायता एवं सलाह योजना तथा नालसा हेल्पलाईन नंबर 15100 के बारे में भी बताया गया।

श्री राजेश राठौर द्वारा माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम 2007 के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह अधिनियम 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को अपने बच्चों या कानूनी उत्तराधिकारियों से भरण-पोषण प्राप्त करने का अधिकार देता है, यदि वे अपनी आय या संपत्ति से अपना भरण-पोषण करने में असमर्थ है। यह अधिनियम यह सुनिश्चित करता है कि वरिष्ठ नागरिक गरिमा और सम्मान के साथ जीवन जी सकें और उनके बच्चों या रिश्तेदारों को उनकी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी जाती है।





