
मध्यप्रदेश शासन के जनजातीय कार्य विभाग (Janjati Karya Vibhag) द्वारा 30 सितंबर 2026 को जारी आधिकारिक आदेश के तहत, लंबे समय से कानूनी लड़ाई लड़ रहे शिक्षकों के हित में एक ऐतिहासिक और बड़ा फैसला लिया गया है। विभाग ने विभिन्न अदालतों के फैसलों और मंत्री-परिषद (कैबिनेट) की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुपालन में 388 शिक्षकों को उनकी नियुक्ति तिथि से नियमित वेतनमान और बकाया एरियर देने की अंतिम और आधिकारिक मंजूरी दे दी है।
यह आदेश भोपाल मंत्रालय से जारी किया गया है। शासन ने साफ किया है कि इस लाभ का दायरा केवल याचिका दायर करने वाले शिक्षकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समान परिस्थिति वाले सभी प्रभावित शिक्षकों पर लागू होगा और इसे 90 दिनों के भीतर पूरा किया जाएगा।
क्यों लिया गया यह ऐतिहासिक निर्णय? (मामले की पृष्ठभूमि)
(Janjati Karya Vibhag) आदेश के अनुसार, यह बड़ा फैसला माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में दायर याचिका क्रमांक 41999/2024 (टीकाराम गोहे विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन) में पारित निर्णय और माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मधुकांत यदु विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन (SLP क्रमांक 6892/1993) में दिए गए ऐतिहासिक दिशा-निर्देशों के तहत लिया गया है।
आदिम जाति कल्याण विभाग (अब जनजातीय कार्य विभाग) के पूर्व के आदेशों (वर्ष 2010 और 2012) के क्रियान्वयन में आ रही विसंगतियों को दूर करते हुए, कैबिनेट ने 15 सितंबर 2026 को हुई बैठक (आयटम क्रमांक 12) में इन 388 शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग के 18.10.2017 के आदेश के समान लाभ देने पर अपनी अंतिम मुहर लगाई है।
किन शिक्षकों को मिलेगा सीधा लाभ?
इस आदेश के दायरे में वर्ष 1973-74 से लेकर 1997-98 के बीच निश्चित वेतनमान पर नियुक्त हुए कुल 388 शिक्षक शामिल हैं, जिन्हें दो श्रेणियों में बांटा गया है:
- श्रेणी-1 (कुल 201 शिक्षक): इसके तहत तदर्थ (Ad-hoc) शिक्षक, उपशिक्षक, सहायक शिक्षक, प्रशिक्षणार्थी शिक्षक, कनिष्ठ बोर्ड से चयनित शिक्षक तथा ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड योजना के अंतर्गत नियुक्त शिक्षक शामिल हैं।
- श्रेणी-2 (कुल 187 शिक्षक): इसके तहत सहायक शिक्षक संवर्ग के शिक्षक शामिल हैं।
इन सभी को 2 वर्ष की परिवीक्षा अवधि (Probation Period) सफलतापूर्वक पूर्ण करने की तिथि से नियमित वेतनमान, सेवाकाल में अर्जित सभी वार्षिक वेतनवृद्धियों (Increments) का लाभ जोड़कर वेतन निर्धारण और बकाया एरियर्स की राशि प्रदान की जाएगी।
भुगतान के लिए विभाग द्वारा तय की गई 4 अनिवार्य शर्तें:
(Janjati Karya Vibhag) नियमित वेतनमान का लाभ और एरियर्स राशि ट्रांसफर करने से पूर्व विभाग ने निम्नलिखित कड़े और स्पष्ट नियम लागू किए हैं:
- मूल रिकॉर्ड से मिलान: शिक्षकों को नियमित वेतनमान का लाभ देने से पहले उनके प्रथम नियुक्ति आदेश का मिलान विभाग के कार्यालयीन मूल अभिलेखों से अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
- वेतन निर्धारण का अप्रूवल: शिक्षकों की वेतनवृद्धियों के साथ तय होने वाले नए वेतनमान का अनुमोदन (Approval) संबंधित संभागीय संयुक्त संचालक, कोष, लेखा एवं पेंशन से अनिवार्य रूप से कराया जाएगा। इसके बाद ही भुगतान की प्रक्रिया शुरू होगी।
- वर्तमान में कार्यरत (सेवारत) शिक्षकों के लिए: जो शिक्षक अभी भी नौकरी में हैं, उनकी एरियर्स की पूरी राशि सीधे उनके सामान्य भविष्य निधि (GPF) खाते में जमा कराई जाएगी।
- सेवानिवृत्त (Retired) शिक्षकों के लिए: जो शिक्षक अपनी सेवा पूरी कर रिटायर हो चुके हैं, उन्हें एरियर्स की राशि का नकद भुगतान 50-50 प्रतिशत की 2 किश्तों में, एक वर्ष के अंतराल पर किया जाएगा।


(Janjati Karya Vibhag)



