
भीमपुर। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र में ‘जय जोहार’ (jay johar ) का अभिवादन करने को लेकर आदिवासी युवाओं के साथ कथित गाली-गलौज एवं अभद्र भाषा के इस्तेमाल का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस), ब्लॉक भीमपुर, जिला बैतूल ने कड़ी नाराजगी जताते हुए दोषी पुलिस अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
जयस ब्लॉक भीमपुर की ओर से दिनांक 14 अक्टूबर 2026 को महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम तहसीलदार भीमपुर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि 13 अक्टूबर 2026 को भोपाल में गोंडवाना स्टूडेंट यूनियन के छात्र-छात्राएं अपनी शैक्षणिक एवं संवैधानिक मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे। इसी दौरान एक आदिवासी युवक द्वारा ‘जय जोहार’ का अभिवादन किए जाने पर पुलिस अधिकारी श्री रतन सिंह परिहार द्वारा कथित तौर पर गाली-गलौज एवं अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया।
आदिवासी संस्कृति और सम्मान का मुद्दा उठाया
जयस ने ज्ञापन में कहा कि ‘जय जोहार’(jay johar ) केवल अभिवादन के शब्द नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, स्वाभिमान और पहचान का प्रतीक है। आदिवासी समाज सदियों से अपनी सांस्कृतिक परंपराओं और प्राकृतिक विरासत का सम्मान करता आया है। ऐसे में किसी भी जिम्मेदार अधिकारी द्वारा कथित रूप से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जाना गंभीर चिंता का विषय है।

ज्ञापन में प्रमुख मांगें
जयस ब्लॉक भीमपुर ने प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखी हैं—
1. संबंधित पुलिस अधिकारी के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर तत्काल निलंबन एवं नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
2. मामले की जांच में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के लागू होने की परिस्थितियों की जांच कर, कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
3. पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को आदिवासी संस्कृति, भाषा और संवैधानिक अधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाए।
4. गोंडवाना स्टूडेंट यूनियन के छात्र-छात्राओं की जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए तथा शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार का सम्मान किया जाए।

जयस ने निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की
जयस पदाधिकारियों ने कहा कि आदिवासी समाज के सम्मान, संस्कृति और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि किसी अधिकारी द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायत सामने आती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
ज्ञापन के माध्यम से जयस ने महामहिम राष्ट्रपति महोदया, मध्यप्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक एवं जिला प्रशासन से मामले में संज्ञान लेकर न्याय सुनिश्चित करने की मांग की है।
जयस का संदेश: (jay johar )
“जल, जंगल, जमीन के साथ आदिवासी समाज की संस्कृति, स्वाभिमान और सम्मान की रक्षा भी हमारी जिम्मेदारी है। ‘जय जोहार’ हमारी पहचान है और हर नागरिक को सम्मानपूर्वक अपनी संस्कृति एवं परंपराओं को व्यक्त करने का अधिकार है।”




