
भोपाल/नई दिल्ली। मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस में अनुशासनहीनता को लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर एक बहुत बड़ी कार्रवाई की गई है। दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को आयोजित हुई अखिल भारतीय युवा कांग्रेस की “वोट चोरी रैली” में शामिल न होना मध्य प्रदेश के कई बड़े पदाधिकारियों को भारी पड़ गया है। संगठन ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना है और गैर-हाजिर रहने वाले नेताओं को आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है।
राष्ट्रीय नेतृत्व के कड़े रुख के बाद लिया गया एक्शन
युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय नेतृत्व द्वारा इस रैली को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, जिसमें सभी राज्यों के प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई थी। मध्य प्रदेश से भी बड़ी संख्या में नेताओं को दिल्ली पहुंचना था। रैली के समापन के बाद जब उपस्थिति की समीक्षा की गई, तो मध्य प्रदेश के कई जिम्मेदार पदाधिकारी बिना किसी पूर्व सूचना या ठोस कारण के गायब पाए गए।
इन पदाधिकारियों पर गिरी निलंबन की गाज
संगठन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, रैली में अनुपस्थित रहने को सीधे तौर पर संगठन विरोधी गतिविधि और निर्देशों की अवहेलना माना गया है। इसके चलते मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के चिन्हित पदाधिकारियों की सदस्यता और पद को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक होल्ड/निलंबित कर दिया गया है।
पार्टी के भीतर मची खलबली, कारण बताओ नोटिस की तैयारी
अचानक हुई इस बड़ी कार्रवाई से मध्य प्रदेश कांग्रेस और युवा कांग्रेस के भीतर हड़कंप मच गया है। राजनैतिक गलियारों में चर्चा है कि आने वाले दिनों में कुछ अन्य विंग्स पर भी गाज गिर सकती है। संगठन के सूत्रों का कहना है कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है और जो नेता राष्ट्रीय कार्यक्रमों को गंभीरता से नहीं लेंगे, उन्हें संगठन में रहने का कोई अधिकार नहीं है। निलंबित किए गए पदाधिकारियों को अपनी सफाई देने के लिए जल्द ही समय सीमा दी जा सकती है।






