
ब्यूरो रिपोर्ट
अय्यूब मंसूरी के मामले में अय्यूब के बहकावे में आ कर सारिका मिस्त्री के खिलाफ षड्यंत्रकारी बयान देना और झूठी शिकायत करना युवती को मंहगा पड़ा। पुलिस ने युवती पायल दर्शमा को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है। जबकि मुख्य आरोपी एडव्होकेट अय्यूब मंसूरी अभी भी फरार है। जिसकी पुलिस को सरगर्मी से तलाश है। और पुरिस लगातार उसके ठिकानों पर दबिश दे रही है।
बता दे की अय्यूब मंसूरी पर बगडोना में ब्यूटी पार्लर संचालित करने वाली माहिया सारिका मिस्त्री ने अड़ीबाजी और चरित्र हनन करने तथा मानमर्यादा को धूमिल करने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। जिसमे पायल ने अय्यूब का साथ देते हुए षड्यंत्र रच सारिका पर देह व्यापार कराने जैसा संगीन आरोप लगाया था। और सोशल मीडिया पर सारिका की छवि धूमिल करने का प्रयास किया था। किन्तु एसडीओपी के समक्ष अपने बयान से पलटते हुए बहाना बना बाहर निकल गई थी। और पूछताछ में मामला सफेद झूठ निकला । अय्यूब के षडयंत्र का हिस्सा बनी युवती पायल अय्यूब कि ही दुकान पर काम करती है।
वही अय्यूब भी मीडिया के सवालों से बचते हुए फरार हो गया, जो अब भी फरार और अग्रिम जमानत की जुगत में लगा है।