
ब्यूरो रिपोर्ट
संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होने से पहले, संसद भवन परिसर में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई। इस दौरान बजट दस्तावेज को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की।
इससे पहले सुबह, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। राष्ट्रपति ने परंपरा के अनुसार वित्त मंत्री को दहीचीनी खिलाकर और उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं। इस दौरान वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने इसे क्षमता निर्माण और सुधारों पर बल, इसे युवा शक्ति से संचालित बजट बताया।
- वित्तमंत्री ने कहा – बजट, आर्थिक वृद्धि आकांक्षाओंकी पूर्ति और सबका साथ, सबका विकास की परिकल्पना के तीन कर्तव्यों से प्रेरित। इससे प्रत्येक परिवार, समुदाय, धर्म और क्षेत्र को संसाधन, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध होंगे।
- खादी हथकरघा और हस्तशिल्प को मजबूती प्रदान करने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव, वस्त्र क्षेत्र के लिए बजट में राष्ट्रीय फाइबर योजना और राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम को बढ़ावा के लिए मेगा टैक्सटाइल पार्क स्थापित किए जाएंगे।
- वित्तमंत्री ने दस हजार करोड़ रुपए की लघु औरमध्यमउद्यम- एस एम ई विकास कोष की घोषणा की, इससे, इस क्षेत्र के भविष्य के चैम्पियन उभरेंगे।
- श्रीमती सीतारामन ने कहा- एस एम ई ऋण लेने वालों के लिए अव-संरचना जोखिम गारंटी कोष की स्थापना की जाएगी।
- अगले पांच वर्ष के लिए बायो-फार्मा शक्ति के लिए दस हजार करोड़ रुपए का प्रावधान, तीन नए राष्ट्रीय औषधि शिक्षा और अनुसंधान संस्थान के गठन की घोषणा, वर्तमान सात संस्थानों को उन्नत किया जाएगा।
- वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने अपने लगातार नौवें बजट में इलैक्ट्रॉनिकी घटक विनिर्माण योजना के लिए चालीस हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव किया।
- खनन प्रसंस्करण अनुसंधान और विनिर्माण के लिए तीन समर्पित रसायनिकपार्क की स्थापना की जाएगी।
- श्रीमती सीतारामन ने अगले पांच वर्षों में कंटेनर विनिर्माण योजना के लिए दस हजार करोड़ रुपए की स्वीकृति दी।
- पांच लाख से अधिक की जनसंख्या वाले शहरों में अवसंरचना विकास के लिए पब्लिक कैपेक्स 12 लाख बीस हजार करोड़ रुपए तक बढाई गई।
- पूर्व में दनकुनी से सूरत तक नए समर्पित माल गलियारे की स्थापना की घोषणा। अगले पांच वर्ष में बीस नए राष्ट्रीय जल मार्ग – एन डब्ल्यू संचालित होंगे, इससे ओडिशा में खनिज समृद्ध तलचर और अंगुल आपस में जुड़ जाएंगे।
- वाराणसी और पटना में अंतर्देशी जल मार्गों के लिए जहाज मरम्मत व्यवस्था स्थापित की जाएगी। रेल और सडक यातायात पर बोझ कम करने के लिए तटीय कार्गों प्रोत्साहन योजना शुरू की जाएगी।
- अगले पांच वर्ष में विद्युत, इस्पात, सीमेंट, तेलशोधन और रसायनिक उपकरणों में कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए बीस हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव।
- मु्ंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगलुरु, दिल्ली से वाराणसीऔरवाराणसी-सिलीगुडी के बीच सात हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे।
- सरकार ने बैंकिंग क्षेत्र की समीक्षा के लिए विकसित भारत बैंकिंग उच्चस्तरीय समिति के गठन का निर्णय लिया।
- वित्तमंत्री ने भारत से बाहर रहने वाले लोगों को सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों में निवेश की अनुमति दी।
- सरकार विकसित भारत के प्रमुख संचालक के रूप में सेवा क्षेत्र पर ध्यान देने के लिए उच्च-स्तरीय शिक्षा से रोजगार और उद्यम स्थाई समिति का गठन करेगी।
- आयकर की दरों में कोई बदलाव नहीं। संशोधित आयकर रिटर्न और देरी से भरे गए, आयकर रिटर्न की समयसीमा बढाई गई, संशोधित आयकर रिटर्न 31 मार्च तक भरा जा सकेगा।
- सरकार ने डिविडेंड और म्यूचुअल फंड से प्राप्त होने वाली आय पर ब्याज न काटने की घोषणा की।
- सरकार,भारत को मेडिकल टूरिज्म के प्रमुख क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए पांच स्थानों को विकसित करेगी।
- अधिक पेशेवर चिकित्साकर्मी तैयार करने के लिए तीन अन्य अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित किए जाएंगे।
- सरकार अखिल भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान को प्रोत्साहन देगी। मुंबई में 15 हजार माध्यमिक स्कूलों और पांच सौ कॉलेजों में ए.वी.सी.जी कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित की जाएंगी।
- वित्त मंत्री ने कहा – बड़े उद्योगों और लॉजिस्टिक कॉरिडोर को सहायता प्रदान करने के लिए पांच टाउनशिप विश्वविद्यालय खोले जाएंगे।
- देश के प्रमुख विरासत स्थलों को डिजिटल माध्यम से संघरक्षित करने के लिए नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड स्थापित की जाएगी।
- सरकार, खेलो इंडिया मिशन की शुरूआत करेगी। अगले एक दशक में होगा खेल जगत का विकास।
- वित्त मंत्री ने अरूणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बुद्ध सर्किट के विकास की योजना को मंजूरी दी।
- सरकार, रांची और तेजपुर में निमहंस-2 और राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य विश्विद्यालय स्थापित करेगी।
- आपातकालीन सुविधाओं के विस्तार के लिए क्षेत्रीय अस्पतालों में अतिरिक्त सुविधाओं का होगा विस्तार। आपतकालीन और ट्रॉमा सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
- मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा अधिनिर्णित ब्याज को आयकर से छूट दी जाएगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने आज लोकसभा में वित्तीय वर्ष-2026-27 का बजट पेश किया। यह उनका रिकॉर्ड नौवां बजट है। वित्त मंत्री ने आज माघ पूर्णिमा ओर गुरु रविदास जी की जन्मशती के पावन अवसर का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने हमेशा सुधार और जनहित को प्राथमिकता दी है। आत्मनिर्भर भारत को लक्ष्य मानकर लोक निवेश पर अधिक बल देते हुए ढांचागत सुधारों, राजकोषीय वितव्ययिता और मौद्रिक स्थिरता का अनुसरण किया गया है।
बजट 2026-27 विशेष रूप से क्षमता निर्माण और सुधारों पर ध्यान केन्द्रित करता है। वित्त मंत्री ने इस युवा शक्ति संचालित बजट कहा।
वित्त मंत्री ने विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने के प्रयासों में मजबूती से साथ देने के लिए नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बजट आर्थिक विकास को गति देने, नागरिकों के क्षमता निर्माण की आकांक्षाएं पूरी करने तथा सबका साथ, सबका विकास के तीन कर्तव्यों से प्रेरित है, जिसका लक्ष्य प्रत्येक परिवार, समुदाय, क्षेत्र ओर सेक्टर की संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक पहुंच सुनिश्चित करना है।
वित्त मंत्री ने कहा कि विकास के लाभ प्रत्येक किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, युवा, निर्धन और महिलाओं तक पहुंचना सुनिश्चित करना हे। सरकार का संकल्प शोषितों और वंचितों पर ध्यान देना है। इस उद्देश्य से सरकार का कर्तव्य उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाते हुए आर्थिक विकास को तेज करना और विश्व की लगातार बदल रही परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम बनना है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने रोजगार सृजन, उत्पादकता बढ़ाने और विकास की गति तेज करने के लिए व्यापक आर्थिक सुधार किए हैं। सुधार एक्सप्रेस तेजी से आगे बढ़ रही है और यह अपनी गति बनाए रखेगी।
वित्त मंत्री ने छह सेक्टर में नई पहल का प्रस्ताव किया। इनमें रणनीतिक क्षेत्रों में विनिर्माण तेज करना, औद्योगिक क्षेत्रों का कायाकल्प करना, सूक्ष्म, लघु और मध्यम चैंपियन उद्यमों का निर्माण करना, बुनियादी ढांचे को सशक्त करना, दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और स्थायित्व सुनिश्चित करना तथा शहर आर्थिक क्षेत्र विकसित करना शामिल हैं।
वित्त मंत्री ने भारत को एक वैश्विक जैव-औषध विनिर्माण केन्द्र के रूप में विकसित करने के लिए अगले पांच वर्ष में दस हजार करोड़ रुपये के परिव्यय का प्रस्ताव किया। इससे जैविक घरेलू उत्पादन के लिए परिवेश तैयार होगा। इस रणनीति के तहत फार्मास्यूटिकल शिक्षा और अनुसंधान के तीन नये राष्ट्रीय संस्थान और सात मौजूदा संस्थानों का उन्नयन शामिल है। एक हजार से अधिक मान्यता प्राप्त नैदानिक परीक्षण स्थलों का नेटवर्क तैयार होगा। वैश्विक मानकों और अनुमोदन की समय सीमा पूरी करने के उद्देश्य से केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन को मजबूत करने का प्रस्ताव है।
देश की सेमीकंडक्टर क्षमताओं का विस्तार करने वाले इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के पहले चरण से आगे बढ़ते हुए दूसरे चरण के शुभारंभ का प्रस्ताव है। प्रौद्योगिकी के विकास और कुशल जनशक्ति तैयार करने के लिए उद्योग आधारित अनुसंधान और प्रशिक्षण केन्द्रों पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष 22 हजार नौ सौ 19 करोड़ रुपये के परिव्यय से आरंभ की गई इलेक्ट्रॉनिकी घटक विनिर्माण योजना के लिए पहले ही लक्ष्य से दोगुने निवेश की प्रतिबद्धताएं मिल चुकी हैं। इस गति का पूरा लाभ लेने के लिए योजना के लिए परिव्यय बढ़ाकर चालीस हजार करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने दुर्लभ खनिज कोरिडोर बनाने के लिए खनिज संपन्न राज्य- ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की विशेष सहायता का प्रस्ताव किया। बजट-2026-27 में घरेलू रासायनिक उत्पादन बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए तीन समर्पित रासायनिक पार्क की स्थापना में राज्यों की मदद के लिए योजना शुरू करने का प्रस्ताव किया गया है।
पूंजीगत सामग्री की सुदृढ़ क्षमता विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादकता और गुणवत्ता का मानक है। इस क्षमता में और वृद्धि के लिए बजट में नये प्रस्ताव किए गए हैं। इनमें उच्च परिशुद्धता वाले घटकों के डिजाइन, परीक्षण और विनिर्माण, घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए विनिर्माण और बुनियादी ढांचा मजबूत करने की योजना तथा पांच वर्ष की अवधि के लिए दस हजार करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन के साथ कंटेनर विनिर्माण योजना का प्रस्ताव भी शामिल है।
वित्त मंत्री ने कपड़ा सेक्टर के लिए एकीकृत कार्यक्रम का प्रस्ताव किया। इनमें रेशम, ऊन और जूट जैसे प्राकृतिक फाइबर तथा मानव निर्मित फाइबर और आधुनिक फाइबर में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना, पूंजीगत सहायता से पारम्परिक कलस्टरों का आधुनिकीकरण, मौजूदा योजनाओं को एकीकृत कर और मजबूती देने के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ वस्त्रों तथा परिधानों को बढ़ावा देने के लिए पारिस्थितिकी तंत्र अनुकूल पहल तथा उद्योग जगत और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से वस्त्र कौशल परिवेश के उन्नयन के लिए समर्थ कार्यक्रम के दूसरे चरण का प्रस्ताव शामिल है।
वित्त मंत्री ने इनके अतिरिक्त मेघा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने तथा खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प की मजबूती के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना के शुभारंभ का प्रस्ताव किया। उन्होंने कहा कि इससे वैश्विक बाजारों से जुड़ने और ब्रांडिंग में मदद मिलेगी। यह नई पहल बुनकरों, ग्रामीण उद्योगों, एक जिला-एक उत्पाद और ग्रामीण युवाओं को लाभ होगा। भारत को उच्च गुणवत्ता और किफायती मूल्य पर खेल-कूद सामानों का वैश्विक केन्द्र बनाने के लिए वित्त मंत्री ने निर्माण, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने की एक समर्थित पहल का प्रस्ताव किया।बजट 2026-27 में विरासत के दो सौ औद्योगिक कलस्टरों के पुनरुद्धार के लिए नई योजना शुरू करने का प्रस्ताव किया गया है। यह लक्ष्य लागत प्रतिस्पर्धा और दक्षता में सुधार से हासिल किया जाएगा।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को विकास का महत्वपूर्ण इंजन बताते हुए वित्त मंत्री ने चैंपियंस के रूप में इन्हें विकसित करने के लिए तीन सूत्रीय उपायों का प्रस्ताव किया। इन उपायों में इक्विटी सहायता, नकदी सहायता और पेशेवर सहायता शामिल है। वित्त मंत्री ने इन उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए दस हजार करोड़ रुपये की लघु, मध्यम उद्यम विकास निधि शुरू करने का प्रस्ताव किया। सूक्ष्म उद्यमों की मदद और पूंजी जोखिम से बचाने के लिए वर्ष 2021 में दो हजार करोड़ रुपये से निर्मित आत्मनिर्भर भारत निधि को और सशक्त बनाने का प्रस्ताव किया गया है।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की पूरी क्षमता का लाभ लेने के लिए वित्त मंत्री ने चार उपायों का प्रस्ताव किया। इनमें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों से सभी खरीद के लिए ट्रेड्स प्लेटफार्म को लेन-देन निपटान प्लेटफॉर्म के रूप में अधिदेशित करना, इस प्लेटफार्म पर ऋण गारंटी सहायता तंत्र शुरू करना, जेम प्लेटफार्म को ट्रेड्स से जोड़ना शामिल है।
वित्त मंत्री ने कहा कि पांच लाख से अधिक आबादी वाले श्रेणी-दो और श्रेणी-तीन के शहरों में बुनियादी ढांचा विकास पर विशेष जोर दिया जाता रहेगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक पूंजी व्यय में भारी बढ़ोतरी हुई है। यह वित्त वर्ष 2014-15 में दो लाख करोड़ रुपये से बढ़कर पिछले वित्तीय वर्ष तक 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इस गति को बनाए रखते हुए वित्त मंत्री ने बजट 2026-27 में इस आवंटन को बढ़ाकर 12 लाख 20 हजार करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव किया। बुनियादी ढांचा विकास और निर्माण चरण के दौरान जोखिमों के प्रति निजी डेवलपर्स का भरोसा बढ़ाने के लिए वित्त मंत्री ने बुनियादी ढांचा जोखिम गांरटी निधि बनाने का प्रस्ताव किया।
कार्गो के पर्यावरण अनुकूल आवाजाही को बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री ने पूर्व में डानकूनी से पश्चिम में सूरत को जोड़ने वाले नया मालढुलाई कॉरीडोर स्थापित करने का प्रस्ताव किया। इसके अलावा अगले पांच वर्ष में, ओडिशा में राष्ट्रीय जलमार्ग-5 से आरंभ करते हुए 20 नये राष्ट्रीय जलमार्ग परिचालित किये जाएंगे। इसके तहत तालचर और आंगुल जैसे खनिज समृद्ध क्षेत्र तथा कलिंगा नगर जैसे औद्योगिक केन्द्र को पारादीप तथा धमरा बंदरगाहों से जोड़ा जाएगा। इस उद्देश्य से जन संसाधन की तैयारी के लिए क्षेत्रीय उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किए जाएंगे। इससे विशेष रूप से देश की युवा शक्ति लाभान्वित होगी। अंतरर्देशीय जलमार्ग की जरूरतें पूरी करने के लिए बनारस और पटना में जहाज मरम्मत केन्द्र स्थापित किया जाएगा। अंतर्देशीय जलमार्ग और तटीय पोत परिवहन का हिस्सा वर्तमान के छह प्रतिशत से बढ़ाकर वर्ष 2047 तक 12 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है।
पर्यटन को बढ़ावा देने तथा अंतिम छोर और दूर-दराज के क्षेत्रों को जोड़ने के लिए वित्त मंत्री ने समुद्रीय विमान के स्वदेशी निर्माण को प्रोत्साहित करने का प्रस्ताव किया। इसके लिए समुद्री विमान- वी जी एफ योजना शुरू की जाएगी।बिजली, इस्तपात, सीमेंट, रिफाइनरी और रसायन सेक्टर में कार्बन उपयोग और भंडारण के लिए शुरू की गई कार्य योजना के अनुरूप इस कार्य में और तेजी जाने के लिए अगले पांच वर्ष 20 हजार करोड़ रुपये के परिव्यय का प्रस्ताव किया गया है।
शहरों को विकास, नवाचार और अवसर उपलब्धता का इंजन बताते हुए वित्त मंत्री ने श्रेणी-दो, श्रेणी-तीन और मंदिर शहरों के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचा और सुविधओं की जरूरत पर बल दिया। इन शहरों की क्षमता को और बढ़ाने तथा सुविधाजनक बनाने की योजनाओं पर अगले पांच वर्ष में हर शहरी आर्थिक क्षेत्र के लिए पांच हजार करोड़ रुपये आवंटन का प्रस्ताव है।
पर्यावरण अनुकूल यात्रा को बढ़ावा देने के लिए ग्रोथ कनेक्टर के रूप में सात उच्च गति के रेल कॉरीडोर विकसित करने का प्रस्ताव किया गया है। ये कॉरीडोर हैं – मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुडी।
वित्तीय क्षेत्र के लिए बजट प्रावधानों में वित्त मंत्री ने इस सेक्टर में सुधार आधारित विकास पथ पर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उच्च लाभ, परिसंपत्तियों की बेहतर गुणवत्ता और देश के 98 प्रतिशत से अधिक गांवों तक बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराना आज भारतीय बैंकिंग क्षेत्र की विशिष्ट पहचान है।
वित्त मंत्री ने वित्तीय स्थायित्व, समावेशन और उपभोक्ता संरक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकसित भारत के लिए उच्च स्तरीय बैंकिंग समिति के गठन का प्रस्ताव किया।
वित्त मंत्री ने कहा कि ऋण संवितरण और प्रौद्योगिकी अपनाने के स्पष्ट लक्ष्यों के साथ विकसित भारत के लिए गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की रूपरेखा तैयार की गई है। उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की क्षमता बढ़ाने के लिए विद्युत वित्त निगम और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम के पुनर्गठन का प्रस्ताव किया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने अधिक समसामयिक, उपभोक्ता अनुकूल सुविधाएं सृजित करने के लिए विदेशी मुद्रा प्रबंधन विनियमों की समीक्षा का प्रस्ताव किया।
बड़े शहरों द्वारा उच्चतर मूल्य के नगर निगम बांड जारी करने को बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री ने एक हजार करोड़ से अधिक के एकल बांड जारी करने पर सौ करोड़ रुपये के प्रोत्साहन का प्रस्ताव किया। अमृत के तहत वर्तमान योजना छोटे और मध्यम कस्बों की मदद के लिए जारी रहेगी।
व्यापार सुगमता के लिए वित्त मंत्री ने अनिवासी भारतीयों के लिए सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों में पोर्टफोलियो निवेश योजना के माध्यम से इक्विटी में निवेश की अनुमति होगी। इस योजना के तहत निवेश सीमा पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। समग्र अनिवासी व्यक्तिगत निवेश सीमा मौजदा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 24 प्रतिशत किया जाएगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन, राष्ट्रीय क्वांटम मिशन, राष्ट्रीय अनुसंधान कोष तथा अनुसंधान विकास और नवाचार निधि के माध्यम से नई प्रौद्योगिकी की सहायता के लिए अनेक कदम उठाए हैं। इससे किसानों, महिलाओं, युवाओं और दिव्यांगजन के हित में विशेष अवसर उपलब्ध होंगे।
वित्त मंत्री ने कहा कि नागरिकों की आकांक्षाएं पूरी करना और क्षमता निर्माण सरकार का विशेष कर्तव्य है और एक दशक से जारी सुधार प्रयासों से लगभग 25 करोड़ लोग विभिन्न स्तरों पर गरीबी से ऊपर उठे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने विभिन्न उपायों से युवा भारत की आकांक्षाएं पूरी करने के लिए सेवा क्षेत्र पर विशेष बल देने का निर्णय लिया है।
वित्त मंत्री ने सेवा क्षेत्र पर ध्यान देने के लिए उच्चाधिकार प्राप्त शिक्षा से रोजगार एवं उद्यम स्थीय समिति के गठन का प्रस्ताव किया। इससे वर्ष 2047 तक सेवा क्षेत्र में दस प्रतिशत की वैश्विक हिस्सेदारी प्राप्त करने का लक्ष्य है।
वित्त मंत्री ने युवाओं के कौशल करियर के लिए विभिन्न सेक्टर में प्रयासों का प्रस्ताव किया।
स्वास्थ्य क्षेत्र में मौजूदा संस्थानों के उन्नयन तथा निजी और सरकारी क्षेत्र में नये स्वास्थ्य सेवा पेशेवर संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव है। अगले पांच वर्ष में एक लाख स्वास्थ्य सेवा पेशेवर संस्थान गठित किए जाएंगे।
वृद्धजनों की चिकित्सा और देखभाल के लिए कुशल देखभाल सेवा परिवेश बनाया जाएगा। अगले वर्षों में डेढ़ लाख देखभाल सेवा प्रदात्ताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।
भारत को मजबूत चिकित्सा पर्यटन सेवा केन्द्र के रूप में स्थापित करने के लिए राज्यों को पांच क्षेत्रीय चिकित्सा केन्द्र स्थापित करने में मदद देने की योजना प्रस्तावित की गई है। इस कार्य में निजी क्षेत्र की भी भागीदारी रहेगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि विश्व के विभिन्न भागों में भारतीय योग और चिकित्सा पद्धतियों को व्यापक पहचान मिली है। गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेद उत्पादों के निर्यात की बढ़ती मांग पूरी करने के लिए और कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने तीन नये अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने, आयुष फार्मेसी और औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं के उन्नयन तथा पारम्परिक औषधि के लिए साक्ष्य आधारित अनुसंधान प्रशिक्षण और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए जामनगर में विश्व स्वास्थ्य संगठन वैश्विक पारम्परिक चिकित्सा केन्द्र के उन्नयन का प्रस्ताव किया।
पशुधन के माध्यम से कृषि आय बढ़ाने के लिए वित्त मंत्री ने ऋण संबद्ध पूजी सब्सिडी सहायता योजना शुरू करने का प्रस्ताव किया।
वित्त मंत्री ने एनिमेशन उद्योग के लिए इंडियन इंस्टीट्रयूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी, मुंबई को माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों में कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने में मदद देने का भी प्रस्ताव किया है।
भारतीय डिजाइनरों की बढ़ती मांग का उल्लेख करते हए श्रीमती निर्मला सीतारामन ने देश के पूर्वी क्षेत्र में नये राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान की स्थापना का प्रस्ताव किया।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार बड़े औद्योगिक कॉरीडोर के आस-पास पांच विश्वविद्याल टाउनशिप के निर्माण के लिए राज्यों को सहायता देगी। इन शैक्षणिक जोन में कई विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, अनुसंधान संस्थान, कौशल केन्द्र और आवासीय परिसर होंगे।
खगोल भौतिकी और खगोल विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए चार टेलिस्कॉप अवस्थापना केन्द्रों की स्थापना की जाएगी।
पर्यटन क्षेत्र में रोजगार सृजन, विदेशी मुद्रा आय और स्थानीय अर्थव्यवस्था के विस्तार की भरपूर क्षमता का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने वर्तमान राष्ट्रीय होटल प्रबंधन और कैटरिंग प्रौद्योगिकी परिषद का उन्नयन करते हुए राष्ट्रीय आतिथ्य संस्थान की स्थापना का प्रस्ताव किया, जो शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग और सरकार के बीच सेतु का कार्य करेगा।
भारतीय प्रबंधन संस्थान के सहयोग से 12 सप्ताह के प्रशिक्षण पाठयक्रम के माध्यम से बीस प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में दस हजार गाइडों के कौशल उन्नयन की प्रायोगिक योजना का भी प्रस्ताव किया गया है।
सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विरासत महत्व के सभी स्थलों के डिजीटल दस्तावेजीकरण के लिए नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड की स्थापना की जाएगी, जिससे रोजगार के नये परिवेश सृजित होंगे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने लोथल, धौलावीरा, राखगढी, अदिचनाल्लूर, सारनाथ, हस्तिनापुर ओर लेह पैलेस जैसे 15 पुरातात्विक स्थलों को सांस्कृति गंतव्य के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव किया।
खेलो इंडिया कार्यक्रम के माध्यम से खेल-कूद प्रतिभाओं के सुव्यवस्थित विकास के प्रयासों को जारी रखते हुए वित्त मंत्री ने अगले दशक में खेल-कूद क्षेत्र में बदलाव के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू करने का प्रस्ताव किया।
वित्त मंत्री ने सबको साथ, सबका विकास दृष्टिकोण के अनुरूप लक्षित प्रयासों पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए छोटे और सीमांत किसानों पर विशेष ध्यान देते हुए उत्पादकता और उद्यमशीलता बढाकर किसानों की आय में वृद्धि करनी होगी। आजीविका के अवसर, प्रशिक्षण और गुणवत्तापूर्ण उपकरणों तक पहुंच प्रदान करने के माध्यम से दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण तथा मानसिक स्वास्थ्य और ट्रॉमा केयर तक पहुंच के लिए कमजोर समूहों के सशक्तीकरण तथा विकास और रोजगार के अवसर बढाकर पूर्वोत्तर राज्यों पर ध्यान केन्द्रित करना होगा।
किसानों की आया बढाने के लिए मत्स्य पालन क्षेत्र में पांच सौ जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास तथा स्टार्ट-अप और मत्स्य पालन किसान उत्पादक संगठनों सहित महिला प्रेरित समूहों को बाजार से जोडने की शुरुआत करने का प्रस्ताव किया गया है।
वित्त मंत्री ने कृषि उत्पाद में विविधता लाने, उत्पादकता बढाने और रोजगार के नये अवसर सृजित करने के लिए तटवर्ती क्षेत्रों में नारियल, चंदन और काजू जैसे उच्च मूल्य वाली फसलों को तथा पर्वतीय क्षेत्रों में बादाम, अखरोट जैसे गिरीदार फलों को सहायता प्रदान करने का प्रस्ताव किया।
वित्त मंत्री ने बहुभाषीय एआई टूल-भारत विस्तार के शुभारंभ का प्रस्ताव किया। इससे कृषि उत्पादकता तथा किसानों के निर्णय लेने की क्षमता बढेगी।
वित्त मंत्री ने लखपति दीदी कार्यक्रम की अपार सफलता से आगे बढते हुए महिलाओं को ऋण आधारित आजीविका से उद्यमों का स्वामी बनाने के लिए अगला कदम उठाने का प्रस्ताव किया। इसके लिए सामुदायिक स्वामित्व वाली खुदरा आउटलेट के रूप स्व-सहायता उद्यम -शी मार्ट स्थापित किए जाएंगे।
बजट 2026-27 में दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण उपायों के तहत वित्त मंत्री ने दिव्यांगजन कौशल योजना का उल्लेख किया। उन्होंने दिव्यांगों के लिए उद्योग संगत और अनुकूल विशिष्ट प्रशिक्षण के माध्यम से सम्मानजनक आजीविका अवसर सुनिश्चित करने का प्रस्ताव किया।
उत्तर भारत में मानसिक स्वास्थ्य राष्ट्रीय संस्थान के रूप में निमहांस-2 की स्थापना तथा रांची और तेजपुर में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के उन्नयन का प्रस्ताव किया गया है।
आपातकालीन स्थिति में विशेष रूप से गरीब और कमजोर परिवारों की मदद के लिए पचास प्रतिशत जिला अस्पतालों में आपातकालीन ट्रॉमा केयर सेंटर की स्थापना का भी प्रस्ताव है।
एकीकृत पूर्वी तट औद्योगिक कारीडोर के विकास, 5 पूर्वोदय राज्यों में 5 पर्यटन स्थलों के निर्माण और चार हजार विद्युत बसों के प्रावधान का भी प्रस्ताव किया गया है।
अरूणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम ओर त्रिपुरा में बौद्ध सर्किट के विकास के लिए योजना शुरू करने का प्रस्ताव किया गया है। इसमें मंदिरों और मठों के संरक्षण, भाषांतरण केन्द्र, संपर्क और तीर्थ यात्रियों की सुविधाएं शामिल होंगी।
वर्ष 2026-27 तक गैर-ऋण प्राप्तियां और कुल व्यय 36 लाख 50 हजार करोड रुपये और 53 लाख 50 हजार करोड रुपये रहने का अनुमान है। केंद्र की निवल कर प्राप्तियों का अनुमान 28 लाख 70 हजार करोड रुपये है।
गैर-ऋण प्राप्तियों का संशोधित अनुमान 34 लाख करोड रुपये है। इसमें केंद्र की निवल कर प्राप्तियां 26 लाख 70 हजार करोड रुपये है। कुल व्यय का संशोधित अनुमान 49 लाख 60 हजार करोड है, जिसमें पूंजीगत व्यय लगभग 11 लाख करोड रुपये है।
प्रत्यक्ष कर
आयकर अधिनियम 1961 की व्यापक समीक्षा रिकॉर्ड समय में पूरी कर ली गई है और आयकर अधिनियम 2025 इस वर्ष पहली अप्रैल, से प्रभावी हो जाएगा।
- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि विदेश यात्रा पैकेज पर टीडीएस दर वर्तमान 5 प्रतिशत और 20 प्रतिशत से कम करते हुए 2 प्रतिशत की गई है।
- शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए उदारीकृत धन प्रेषण योजना – एल.आर.एस के अंतर्गत टीडीएस दर 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दी गई है।
- वित्त मंत्री ने टेक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए अलग-अलग समय-सीमा की भी घोषणा की। आईटीआर-1 और आईटीआर-2 फाइल करने वालों के लिए समय-सीमा 31 जुलाई तक रहेगी। बिना ऑडिट वाले व्यापार मामलें और ट्रस्ट के लिए यह समय-सीमा 31 अगस्त निर्धारित की गई है।
- अचल संपत्ति की बिक्री पर स्रोत पर शुल्क-टीडीएस, टेन की जगह खरीदने वाले के पैन आधारित चालान से जमा किया जा सकता है।
- व्यापार सुगमता के लिए कर निर्धारण और दंडात्मक कार्यवाही को एकीकृत किया गया है। अब प्रथम अपीलय अधिकारी के समक्ष अपील की अवधि के दौरान दंड की राशि पर कोई ब्याज नहीं लगेगा। इसके अलावा पूर्व भुगतान की मात्रा 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दी गई है।
- कर के बारे में गलत सूचना देने के संबंध में करदाता को भुगतान किये जाने वाले कर और उस पर ब्याज के अलावा 100 प्रतिशत अतिरिक्त आयकर जमा करना होगा।
सहकारिता
- प्राथमिक सहकारी समितियों के लिए दुग्ध, तिलहन, फल और सब्जियों की आपूर्ति के साथ-साथ पशु-चारा और कपास के बीज की आपूर्ति को कटौती में शामिल किया जा रहा है।
सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र को सहायता
- सॉफ्टवेयर विकास सेवाओं, सूचना प्रौद्योगिकी समर्पित सेवाओं ध्यान प्रक्रिया आउट सॉरसिंग और सॉफ्टवेयर विकास से संबंधित अनुसंधान और विकास सेवाओं के क्षेत्र में लागू साढ़े 15 प्रतिशत एक समान सेफ हारबर मार्जेन के साथ सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं की एकल श्रेणी के अंतर्गत शामिल किया जाएगा। आईटी सेवाओं के लिए सेफ हार्बर की सीमा तीन सौ करोड़ रुपये से बढ़ाकर दो हजार करोड़ रुपये की जा रही है। सेफ हार्बर को पांच वर्ष की अवधि तक जारी रखा जा सकता है।
वैश्विक व्यापार और निवेश
- डेटा केंद्रों में महत्वपूर्ण अवसंरचना के लिए निवेश में वृद्धि हेतु किसी भी विदेशी कंपनी के लिए वर्ष 2047 तक कर में छूट दी जाएगी।
- देश में टोल प्लाजा के निर्माण के लिए गैर-प्रवासी को आयकर में पांच वर्ष की छूट प्रदान की जाएगी।
- वैश्विक प्रतिभाओं को भारत में लम्बी अवधि के लिए काम करने हेतु प्रोत्साहित करने का प्रस्ताव है। इसके अंतर्गत पांच वर्ष की प्रवास अवधि के लिए किसी भी गैर-प्रवासी विशेषज्ञ की वैश्विक आय के लिए छूट प्रदान की जाएगी। उन सभी गैर-प्रवासियों को न्यूनतम वैल्पिक कर-एम.ए.टी से छूट का भी प्रावधान है।
कर प्रशासन
- लेखांकन मानक ने आय गणना में सुविधाओं को बढ़ाने के लिए कोरपोरेट कार्य मंत्रालय और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड की संयुक्त समिति का किया जाएगा।
अन्य कर प्रस्ताव
- छोटे शेयर धारकों के हित के लिए सभी प्रकार के शेयर धारकों के लिए बाईबैक पर पूंजीगत लाभ के रूप में कर लगाने का प्रस्ताव है। इससे कोरपोरेट जगत को प्रोत्साहित करने वाली कंपनी के लिए प्रभावी कराधान 22 प्रतिशत होगा। इसके अलावा यह गैर-कोरपोरेट जगत के लिए यही कर 30 प्रतिशत होगा।
- मदिरा, स्क्रैप और खनिज विक्रेताओं के लिए टीसीएस दर को तर्कसंगत बनाते हुए 2 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। तेंदू पत्ते पर कर दर को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किया जाएगा।
- वायदा कारोबार पर मौजूदा शून्य दशमलव शून्य दो प्रतिशत शुल्क को बढ़ाकर शून्य दशमलव शून्य पांच प्रतिशत किया जा रहा है।
अप्रत्यक्ष कर
- सीमा-शुल्क में दी जा रही छूट को समाप्त करने का प्रावधान है। समुद्री खाद्य उत्पादों के प्रसंस्करण में उपयोग होने वाली वस्तुओं की शुल्क मुक्त आयात सीमा वर्तमान एक प्रतिशत से बढ़ाकर पिछले वर्ष के निर्यात कारोबार के मूल्य का तीन प्रतिशत किया जा रहा है। जूते के ऊपरी हिस्सों पर आयात शुल्क समाप्त किया गया है।
- चमड़े और कपड़े से निर्मित अंतिम उत्पादों के निर्यात की मौजूदा समयावधि छह महीने से बढ़ाकर एक वर्ष की गई है।
ऊर्जा परिर्वतन और सुरक्षा
- बैटरी ऊर्जा भंडारण के लिए लिथियम-आयन सेल विनिर्माण के लिए मूल सीमा-शुल्क छूट जारी रखने का प्रस्ताव है। सोलर ग्लास के विनिर्माण में उपयोग किए जाने वाले सोडियम एंटीमोनेट के आयात पर भी सीमा-शुल्क की छूट का प्रस्ताव किया गया है।
परमाणु ऊर्जा
- परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए आवश्यक वस्तुओं के आयात पर वर्तमान सीमा-शुल्क छूट वर्ष 2035 तक बढ़ाई जा रही है।
महत्वपूर्ण खनिज
- देश में महत्वपूर्ण खनिजों की प्रसंस्करण के लिए जरूरी वस्तुओं के आयात की सीमा-शुल्क में छूट का प्रस्ताव है।
- नागरिक और रक्षा विमानन
- नागरिक, प्रशिक्षण और अन्य विमानों के विनिर्माण के लिए आवश्यक कल-पुर्जों पर सीमा-शुल्क में छूट का प्रस्ताव है।
- रक्षा क्षेत्र में उपयोग होने वाले विमानों की मरम्मत और ओवरहॉलिंग के कल-पुर्जों के लिए आयातित कच्चे माल पर सीमा-शुल्क पर भी छूट दी जा रही है।
इलेक्ट्रॉनिक्स
- माइक्रोवेवऑवन के विनिर्माण में इस्तेमाल होने वाले कल-पुर्जों के सीमा-शुल्क में छूट दी गई है।
विशेष आर्थिक क्षेत्र
- वैश्विक व्यापार में उथल-पुथल के कारण विशेष आर्थिक क्षेत्रों की उभरती चिंताओं का समाधान करने के लिए इस क्षेत्र में पात्र विनिर्माण इकाईयों की रियायती शुल्क दरों पर घरेलू प्रशुल्क क्षेत्र-डी.टी.ए को बिक्री की सुविधा का प्रस्ताव है।
- निजी उपयोग के लिए आयातित वस्तुओं पर सीमा-शुल्क संरचना युक्तिसंगत बनाया जा रहा है। इसके लिए आयातित सभी शुल्क योग्य वस्तुओं पर प्रशुल्क दर को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया गया है।
- कैंसर के रोगियों को राहत देने के लिए 17 दवाओं पर सीमा-शुल्क में छूट दी गई है।
- कैंसर के उपचार में प्रयोग होने वाली औषधियों और विशेष चिकित्सा प्रयोजन खाद्य-एफ.एस.एम.पी पर आयात शुल्क से छूट के लिए 7 अतिरिक्त असाधारण रोग शामिल किये जा रहे हैं।
सीमा-शुल्क प्रक्रिया
- टियर-2 और टियर-3 प्राधिकृत आर्थिक प्रचालकों के लिए शुल्क स्थगन अवधि 15 दिन से 30 दिन की जा रही है। मात्र विनिर्माताओं आयातकों को सामान शुल्क स्थगन सुविधा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है।
- सीमा-शुल्कों पर बाध्यकारी अग्रिम नियम की वैधता अवधि वर्तमान तीन वर्ष से पांच वर्ष की जा रही है।
- सीमा-शुल्क भंडारण फ्रेमवर्क को भंडार संचालक केंद्रित प्रणाली में बदला जाएगा।
व्यापार में सुगमता
- विभिन्न सरकारी एजेंसियों से कार्गो समाशोधन के लिए अनुमोदन की प्रक्रिया को इस वित्त वर्ष के अंत तक सिंगल डिजिटल विंडो के माध्यम से आसान बनाया जाएगा। खाद्य औषधि, पशु और वन्य-जीव उत्पाद के समाशोधन की प्रक्रिया अप्रैल 2026तक प्रचालन योग्य बना दी जाएगी।
- जिन वस्तुओं पर कोई अनुपाल अपेक्षित नहीं है, उन पर आयातक द्वारा ऑनलाइन पंजीकरण पूरा करने के तत्काल बाद शुल्क का भुगतान किया जाएगा।
- इस संबंध में प्रक्रियाओं के लिए एकीकृत सीमा-शुल्ल्क प्रणाली-सी.आई.एस दो वर्ष में शुरू की जाएगी।
- सभी प्रमुख बंदरगाहों पर कंटेनरों के उन्नत जांच सुनिश्चित करने के लिए बेहतर स्कैनिंग और इमेजिंग सुविधाएं चरणबद्ध ढंग से विकसित की जाएगी।
नए निर्यात अवसर
- देश में मछुआरों की सहायता और समुद्री क्षेत्र के संवर्धन के लिए विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र-ई.ई.जेड या मछली पकड़ने वाली नौकाओं से पकड़ी गई मछलियों पर शुल्क समाप्त करने का प्रावधान है। विदेशी बंदरगाहों पर ऐसी मछलियों की उतराई को निर्यात के रूप में संदर्भित किया जाएगा।
- दुनियाभर में भारत के छोटे व्यवसायों, कारीगरों और नवाचारों को पहुंच प्रदान करने के लिए ई-कॉमर्स के माध्यम से होने वाले कॉरियर निर्यात पर प्रति खेप 10 लाख रुपय की वर्तमान मूल्य सीमा को समाप्त कर दिया गया है।
जीवन सुगमता
- अंतर्राष्ट्रीय यात्रा के दौरान निकासी संबंधी प्रावधानों में संशोधन किया गया है। अब शुल्क मुक्त भत्ते में बढ़ोत्तरी होगी और अंदर लाई गई अथवा बाहर ले जाई गई वस्तुओं की ढुलाई में स्पष्टता आएगी।
- अपने सभी बकायों का भुगतान करके विवादों का निपटान करने के इच्छुक करदाताओं को दंड के बदले में अतिरिक्त राशि का भुगतान करके मामलों से बरी करने का प्रावधान है।
अंत में मुख्य समाचार एक बार फिर –
- वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट संसद में पेश किया, क्षमता निर्माण और सुधारों पर बल, इसे युवा शक्ति से संचालित बजट बताया।
- वित्तमंत्री ने कहा – बजट, आर्थिक वृद्धि आकांक्षाओंकी पूर्ति और सबका साथ, सबका विकास की परिकल्पना के तीन कर्तव्यों से प्रेरित। इससे प्रत्येक परिवार, समुदाय, धर्म और क्षेत्र को संसाधन, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध होंगे।
- खादी हथकरघा और हस्तशिल्प को मजबूती प्रदान करने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव, वस्त्र क्षेत्र के लिए बजट में राष्ट्रीय फाइबर योजना और राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम को बढ़ावा के लिए मेगा टैक्सटाइल पार्क स्थापित किए जाएंगे।
- वित्तमंत्री ने दस हजार करोड़ रुपए की लघु औरमध्यमउद्यम- एस एम ई विकास कोष की घोषणा की, इससे, इस क्षेत्र के भविष्य के चैम्पियन उभरेंगे।
- श्रीमती सीतारामन ने कहा- एस एम ई ऋण लेने वालों के लिए अव-संरचना जोखिम गारंटी कोष की स्थापना की जाएगी।
- अगले पांच वर्ष के लिए बायो-फार्मा शक्ति के लिए दस हजार करोड़ रुपए का प्रावधान, तीन नए राष्ट्रीय औषधि शिक्षा और अनुसंधान संस्थान के गठन की घोषणा, वर्तमान सात संस्थानों को उन्नत किया जाएगा।
- वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने अपने लगातार नौवें बजट में इलैक्ट्रॉनिकी घटक विनिर्माण योजना के लिए चालीस हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव किया।
- खनन प्रसंस्करण अनुसंधान और विनिर्माण के लिए तीन समर्पित रसायनिकपार्क की स्थापना की जाएगी।
- श्रीमती सीतारामन ने अगले पांच वर्षों में कंटेनर विनिर्माण योजना के लिए दस हजार करोड़ रुपए की स्वीकृति दी।
- पांच लाख से अधिक की जनसंख्या वाले शहरों में अवसंरचना विकास के लिए पब्लिक कैपेक्स 12 लाख बीस हजार करोड़ रुपए तक बढाई गई।
- पूर्व में दनकुनी से सूरत तक नए समर्पित माल गलियारे की स्थापना की घोषणा। अगले पांच वर्ष में बीस नए राष्ट्रीय जल मार्ग – एन डब्ल्यू संचालित होंगे, इससे ओडिशा में खनिज समृद्ध तलचर और अंगुल आपस में जुड़ जाएंगे।
- वाराणसी और पटना में अंतर्देशी जल मार्गों के लिए जहाज मरम्मत व्यवस्था स्थापित की जाएगी। रेल और सडक यातायात पर बोझ कम करने के लिए तटीय कार्गों प्रोत्साहन योजना शुरू की जाएगी।
- अगले पांच वर्ष में विद्युत, इस्पात, सीमेंट, तेलशोधन और रसायनिक उपकरणों में कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए बीस हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव।
- मु्ंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगलुरु, दिल्ली से वाराणसीऔरवाराणसी-सिलीगुडी के बीच सात हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे।
- सरकार ने बैंकिंग क्षेत्र की समीक्षा के लिए विकसित भारत बैंकिंग उच्चस्तरीय समिति के गठन का निर्णय लिया।
- वित्तमंत्री ने भारत से बाहर रहने वाले लोगों को सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों में निवेश की अनुमति दी।
- सरकार विकसित भारत के प्रमुख संचालक के रूप में सेवा क्षेत्र पर ध्यान देने के लिए उच्च-स्तरीय शिक्षा से रोजगार और उद्यम स्थाई समिति का गठन करेगी।
- आयकर की दरों में कोई बदलाव नहीं। संशोधित आयकर रिटर्न और देरी से भरे गए, आयकर रिटर्न की समयसीमा बढाई गई, संशोधित आयकर रिटर्न 31 मार्च तक भरा जा सकेगा।
- सरकार ने डिविडेंड और म्यूचुअल फंड से प्राप्त होने वाली आय पर ब्याज न काटने की घोषणा की।
- सरकार,भारत को मेडिकल टूरिज्म के प्रमुख क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए पांच स्थानों को विकसित करेगी।
- अधिक पेशेवर चिकित्साकर्मी तैयार करने के लिए तीन अन्य अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित किए जाएंगे।
- सरकार अखिल भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान को प्रोत्साहन देगी। मुंबई में 15 हजार माध्यमिक स्कूलों और पांच सौ कॉलेजों में ए.वी.सी.जी कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित की जाएंगी।
- वित्त मंत्री ने कहा – बड़े उद्योगों और लॉजिस्टिक कॉरिडोर को सहायता प्रदान करने के लिए पांच टाउनशिप विश्वविद्यालय खोले जाएंगे।
- देश के प्रमुख विरासत स्थलों को डिजिटल माध्यम से संघरक्षित करने के लिए नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड स्थापित की जाएगी।
- सरकार, खेलो इंडिया मिशन की शुरूआत करेगी। अगले एक दशक में होगा खेल जगत का विकास।
- वित्त मंत्री ने अरूणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बुद्ध सर्किट के विकास की योजना को मंजूरी दी।
- सरकार, रांची और तेजपुर में निमहंस-2 और राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य विश्विद्यालय स्थापित करेगी।
- आपातकालीन सुविधाओं के विस्तार के लिए क्षेत्रीय अस्पतालों में अतिरिक्त सुविधाओं का होगा विस्तार। आपतकालीन और ट्रॉमा सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
- मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा अधिनिर्णित ब्याज को आयकर से छूट दी जाएगी।
- बजट की अन्य विशेषताएं इस प्रकार हैं
- वित्तमंत्री ने इसे एक युवा शक्ति संचालित बजट बताया है।
- भारत को एक वैश्विक बायोफार्मा विनिर्माण केन्द्र के रूप में विकसित करने के लिए अगले पांच वर्ष में दस हजार करोड़ के परिव्यय का प्रस्ताव।
- इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन की क्षमताओं का विस्तार करने के लिए आई एस एम का दूसरे चरण का शुभारंभ किया जाएगा।
- मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव।
- खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को सुदृढ़ करने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना शुरू करने का प्रस्ताव।
- शहर भारत के विकास नवाचार और अवसरों के इंजन हैं। टियर -2 और टियर – 3 शहरों तथा तीर्थ-कस्बों पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा।
- विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्चस्तरीय समिति गठित करने का प्रस्ताव।
- पोर्टफोलियो निवेश योजना के लिए समग्र निवेश सीमा को दस प्रतिशत से बढ़ाकर 24 प्रतिशत करने और प्रवासी भारतीयों के लिए ये सीमा पांच प्रतिशत से बढ़ाकर दस प्रतिशत करने का प्रस्ताव।
- सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विरासत महत्व वाले सभी स्थानों के डिजिटल दस्तावेज तैयार करने के लिए नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड की स्थापना का प्रस्ताव।
- छोटे और सीमांत किसानों की आय में वृद्धि के लिए उत्पादकता और उद्यमशीलता बढ़ाने का प्रस्ताव।
- दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए आजिविका के अवसर प्रशिक्षण और उच्च गुणवत्तापूर्वक सहायक उपकरणों की पहुंच प्रदान करने को कहा गया है।
- विकास और रोजगार के अवसरों में तेजी लाकर पूर्वोत्तर क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने पर बल।
- लखपति दीदी कार्यक्रम की सफलता को आगे बढ़ाते हुए संवर्धित और नवाचार वित्तपोषित के माध्यम से क्लस्टर स्तरीय संघों के भीतर सामूदायिक स्वामित्व वाले खुदरा आउटलुक के रूप में स्व-सहायता उद्यम – शी मार्ट स्थापित किए जाएंगे।
- मानसिक स्वास्थ्य के निमहांस-2 की स्थापना की जाएगी। रांची और तेजपुर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थानों का क्षेत्रीय शीर्ष संस्थानों के रूप में उन्नयन किया जाएगा।
- दिव्यांगजन समूह के लिए उद्योग संगत और अनुकूल विशिष्ट प्रशिक्षण के माध्यम से सम्मानजनक आजिविका के अवसर सुनिश्चित करने का प्रस्ताव।
- गरीब और कमजोर लोगों के लिए पचास प्रतिशत जिला अस्पतालों में आपातकालीन और ट्रॉमा केयर केन्द्र की स्थापना करने का लक्ष्य।
- एकीकृत पूर्वी तट औद्योगिक कॉरिडोर के विकास के लिए पूर्वोत्तर के पांच राज्यों में पर्यटन स्थलों के निर्माण और चार हजार ई-बसों का प्रस्ताव।
- विदेश यात्रा पैकेज पर टी डी एस दर वर्तमान पांच प्रतिशत और बीस प्रतिशत से कम करते हुए दो प्रतिशत की गई।
- टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए अलग-अलग समय सीमा की घोषणा।
- मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा अधिनिर्णित ब्याज को आयकर से छूट दी जाएगी और इस मद में कोई स्रोत पर काटा गया कर नहीं होगा।
- रोगियों, विशेष रूप से कैंसर से पीडित रोगियों के लिए 17 औषधियों अथवा दवाओं पर मूल सीमा शुल्क में छूट का प्रस्ताव।
- वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा कि अगले पांच वर्ष में विद्युत, इस्पात, सीमेंट, तेलशोधन और रसायनिक कारखानों में कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए बीस हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव किया गया है।
- बजट में इस वर्ष आयकर की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन संशोधित आयकर रिटर्न और देरी से भरे गए, आयकर रिटर्न की समयसीमा बढाई गई है। अब संशोधित आयकर रिटर्न 31 मार्च तक भरा जा सकेगा।



