
ब्यूरो रिपोर्ट
भारत की जनगणना -2027 प्रथम चरण के अंतर्गत जिला ग्रामीण एवं नगरीय चार्ज अधिकारियों का दो दिवसीय एवं नगरीय चार्ज अधिकारियों का दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण दो शेषन में सोमवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में प्रारंभ हुआ। प्रशिक्षण के शुभारंभ अवसर पर कलेक्टर व प्रमुख जनगणना अधिकारी श्री नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, अपर कलेक्टर व जिला जनगणना अधिकारी श्रीमती वंदना जाट, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अक्षत जैन, जिला योजना अधिकारी श्री नरेन्द्र गौतम, सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायाब तहसीलदार, मास्टर ट्रेनर उपस्थित थे। यह प्रशिक्षण 23 और 24 फरवरी तक जिला अधिकारी, ग्रामीण चार्ज तहसील अधिकारी के लिए तथा 25 और 26 फरवरी को नगरीय अधिकारियों के लिए आयोजित होगा।

कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने जिला एवं ग्रामीण के चार्ज अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना सामान्य प्रक्रिया नहीं बल्कि देश की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति का तथ्यात्मक वास्तविक अवलोकन कर उन्हें आंकड़ों के रूप में सुव्यवस्थित करके उनका उपयोग भविष्य के लिए समावेशी विकास की नीतियों बनाने और विकास कार्यों को गति देने के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने सभी चार्ज अधिकारी एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि जनगणना अधिनियम जनगणना नियम एवं जनगणना निदेशालय द्वारा जारी सर्कुलर्स को , पत्र और निर्देशों को गंभीरता पूर्वक अध्ययन करें,अच्छे से समझे और आयोजित प्रशिक्षण में अपनी शंकाओं का समाधान कराएं।
उन्होंने कहा कि जनगणना के संबंध में प्रशिक्षण उपरांत परीक्षा का भी आयोजन किया जाएगा। उन्होंने सभी चार्ज अधिकारियों को जनगणना में संलग्न होने वाले अधीनस्थ अमले को भी प्रशिक्षण दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में जनगणना के महत्व और गंभीरता के प्रति वातावरण का निर्माण करें। नागरिकों को जागरूक करें कि उनके द्वारा दी जाने वाली जानकारी केवल और केवल जनगणना के लिए ही हैं। बताए कि जनगणना के दौरान संकलित व्यक्तिगत जानकारियां पूर्णतः गोपनीय होती हैं और इसे किसी अन्य के साथ साझा नहीं किया जाता है। साथ ही, एकत्रित की गई व्यक्तिगत जानकारी को कहीं पर भी साक्ष्य के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता।
प्रशिक्षण के दौरान जनगणना कार्य निदेशालय श्री भरतलाल गौर ,ट्रेनर सुश्री आयुषी भावसार व सुश्री आयुषी यादव ने जनगणना के प्रथम चरण में किए जाने वाले कार्यों, प्रपत्रों की प्रविष्टि, मकान सूचीकरण, परिवार विवरण संकलन तथा डिजिटल माध्यम से डेटा फीडिंग की प्रक्रिया पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को तकनीकी पहलुओं के साथ-साथ संभावित चुनौतियों और उनके समाधान की भी जानकारी दी गई।
कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने प्रशिक्षण में दी गई जानकारी को मैदानी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए, ताकि गणनाकर्मी घर-घर सर्वेक्षण के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि न करें। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, अपितु देश की विकास योजनाओं की आधारशिला है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, शहरी विकास और ग्रामीण योजनाओं का स्वरूप जनगणना के आंकड़ों पर ही निर्धारित होता है। ऐसे में प्रत्येक कर्मचारी को पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ कार्य करना होगा।





