
भारती भूमरकर
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बैतूल द्वारा आज जिला न्यायालय के वीसी कक्ष में ‘देश के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0’ के अंतर्गत प्रशिक्षित अधिवक्ता मध्यस्थों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
गोपनीयता है मध्यस्थता की सबसे बड़ी खूबी
बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष, श्री दिनेश चन्द्र थपलियाल ने कहा कि विवादों को सुलझाने के लिए मध्यस्थता (Mediation) एक अत्यंत प्रभावशाली माध्यम है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि मध्यस्थता की सबसे बड़ी विशेषता इसकी गोपनीयता है। इस प्रक्रिया के दौरान साझा की गई कोई भी जानकारी किसी अन्य न्यायालय या स्थान पर उपयोग नहीं की जा सकती।
अभियान 2.0 पर चर्चा
न्यायाधीश थपलियाल ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) द्वारा संचालित ‘देश के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0’ की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि:
* न्यायालय में लंबित सिविल, मोटर दुर्घटना, चेक बाउंस और पारिवारिक विवादों को मध्यस्थता के जरिए सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।
* मध्यस्थता केवल वही व्यक्ति करा सकता है जिसने MCPC संस्था द्वारा निर्धारित 40 घंटे का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया हो।
* अधिवक्ता मध्यस्थों को निर्देश दिए गए कि वे पक्षकारों के साथ प्रभावी सिटिंग करें और अधिक से अधिक प्रकरणों को इस योजना के तहत निपटाने का प्रयास करें।
बैठक का समापन
बैठक के अंत में सभी उपस्थित प्रशिक्षित अधिवक्ता मध्यस्थों को नववर्ष की डायरी भेंट की गई। इस अवसर पर जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री सोमनाथ राय सहित प्रशिक्षित मध्यस्थ श्री बी.के. पांडे, श्री संजय चौरसे, गीता पंवार, सुनंदा नागले, देवेन्द्र चढोकार, आर.के. सोनारे, अभय चौहान और संदीप खाण्डवे आदि उपस्थित रहे।





