
ब्यूरो रिपोर्ट
संभागायुक्त श्री कृष्ण गोपाल तिवारी की अध्यक्षता में संभाग स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक बैतूल में आयोजित की गई। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक श्री मिथलेश कुमार शुक्ला, मुख्य वन संरक्षक श्री मधु वी. राज, वन संरक्षक श्री अशोक कुमार, कलेक्टर बैतूल श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी, पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेंद्र जैन, कलेक्टर हरदा श्री सिद्धार्थ जैन, पुलिस अधीक्षक हरदा, पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम, डीएफओ श्री नवीन गर्ग, डीएफओ श्री लक्ष्मीकांत वासनिक सहित बैतूल, हरदा एवं नर्मदापुरम जिलों के जिला पंचायत सीईओ तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में बताया गया कि सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, नर्मदापुरम वनमंडल (सामान्य) तथा दक्षिण एवं पश्चिम बैतूल वनमंडलों द्वारा वन अपराध प्रबंधन प्रणाली सॉफ्टवेयर पर ऑनलाइन प्रविष्टियाँ की जा रही हैं। वन एवं पुलिस विभाग के समन्वय से संयुक्त सूची तैयार कर संगठित वन अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई की गई है। संभागायुक्त श्री तिवारी ने निर्देश दिए कि भविष्य में भी वन, राजस्व एवं पुलिस विभाग आपसी समन्वय से निरंतर कार्यवाही जारी रखें।
रामपुर भतोड़ी परियोजना अंतर्गत चोपना परिक्षेत्र में सामूहिक अतिक्रमण के प्रकरणों में वन एवं पुलिस विभाग द्वारा आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वन प्रतिबंधित क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के स्थायी निर्माण को रोकने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में तीनों जिलों में वन व्यवस्थापन से संबंधित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। संभागायुक्त श्री तिवारी ने निर्देशित किया कि वन व्यवस्थापन के प्रकरणों का उच्च प्राथमिकता से निराकरण किया जाए। भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 4 के अंतर्गत अधिसूचित वनखंडों में धारा 5 से 19 तक की कार्यवाही निर्धारित समय सीमा में पूर्ण की जाए। वन व्यवस्थापन के क्षेत्र में अच्छे कार्य के लिए बैतूल जिले की सराहना भी की गई।
वन संरक्षण अधिनियम, 1980 के अंतर्गत पूर्व में व्यपवर्तित वन भूमि के बदले वन भूमि अप्राप्त/अतिक्रमित होने के मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर के आदेश, हस्तांतरण कार्यवाही तथा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं तहसीलदार बैतूल द्वारा प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। बैठक में वन ग्रामों की बाहरी सीमाओं के निर्धारण की समीक्षा भी की गई। 16 अप्रैल 2025 के प्रावधानों के अनुरूप वन ग्रामों की सीमा निर्धारण कार्यवाही अद्यतन करने के निर्देश दिए गए। संभागायुक्त ने कहा कि वन व्यवस्थापन एवं वन ग्रामों से संबंधित कार्य अत्यंत गंभीरता एवं सावधानी से किए जाएं।
उन्होंने निर्देशित किया कि तीनों जिलों में टास्क फोर्स समिति की बैठकें नियमित रूप से आयोजित कर एजेंडा बिंदुओं की समीक्षा की जाए तथा समन्वित प्रयासों से प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्रों में आवश्यक विषयों पर समन्वय बैठकें भी आयोजित करें।





