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दिल्ली आबकारी नीति 2021-22: भ्रष्टाचार के आरोपों से पूरी तरह बरी हुए केजरीवाल और सिसोदिया – कोर्ट ने CBI चार्जशीट खारिज की
*नई दिल्ली, 27 फरवरी 2026* – राउज एवेन्यू कोर्ट ने आज एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री *अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री **मनीष सिसोदिया* और कुल 23 आरोपियों को दिल्ली आबकारी नीति (एक्साइज पॉलिसी) से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में सभी आरोपों से *डिस्चार्ज* (पूर्णतः बरी) कर दिया है। विशेष न्यायाधीश *जीतेन्द्र सिंह* ने CBI की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया और कहा कि जांच एजेंसी के आरोपों में कई गंभीर खामियां हैं, कोई ठोस सबूत या गवाह के बयान नहीं हैं, और नीति में कोई “व्यापक साजिश” (overarching conspiracy) या आपराधिक मंशा साबित नहीं हुई।
### दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 क्या थी? मुख्य विशेषताएं और उद्देश्य
दिल्ली सरकार द्वारा नवंबर 2021 में लागू की गई *एक्साइज पॉलिसी 2021-22* एक प्रमुख सुधार वाली नीति थी, जिसका मुख्य उद्देश्य शराब व्यापार को सरल बनाना, पारदर्शिता लाना, एकाधिकार रोकना, राजस्व को अधिकतम करना और नकली/बिना ड्यूटी वाली शराब पर रोक लगाना था। यह नीति अगस्त 2022 तक चली, उसके बाद विवादों के कारण रद्द कर दी गई।
नीति की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार थीं:
– *सरकारी दुकानों का खात्मा*: दिल्ली सरकार की निगमों (जैसे DSIIDC) की शराब खुदरा बिक्री से पूरी तरह निकासी। सभी रिटेल वेंड निजी क्षेत्र के हाथ में।
– *दिल्ली को 32 जोनों में विभाजन*: प्रत्येक जोन में समान संख्या में वेंड (कुल लगभग 850 वेंड प्रस्तावित, पहले से अधिक)। एक इकाई को अधिकतम 2 जोन ही मिल सकते थे, ताकि एकाधिकार न बने।
– *लाइसेंस शुल्क में एक्साइज ड्यूटी शामिल*: पहले बोतल के आधार पर ड्यूटी वसूली जाती थी, अब जोन लाइसेंस फीस में presumptive excise duty (2019-20 की बिक्री + 10% वृद्धि) शामिल कर ली गई। इससे अग्रिम राजस्व संग्रह सुनिश्चित हुआ।
– *थोक आपूर्ति निजी वितरकों को*: L-1 लाइसेंस धारक (विशेषज्ञ वितरक) ही थोक में शराब सप्लाई करते। निर्माता को एक L-1 के साथ एक्सक्लूसिव डील करनी पड़ती।
– *प्रति वार्ड कम से कम 2 वेंड*: सभी इलाकों में समान वितरण सुनिश्चित, ताकि नकली शराब और तस्करी रुके। दुकानें कम से कम 500 वर्ग फुट की, ग्रिल्स हटाकर आधुनिक लुक।
– *उपभोक्ता अनुभव में सुधार*: अधिक ब्रांड्स, छूट की सुविधा, MRP में लचीलापन। 1% नाममात्र एक्साइज और VAT वास्तविक सप्लाई पर।
– *अन्य लक्ष्य*: आसान व्यापार, जिम्मेदार खिलाड़ियों को प्रोत्साहन, कोई प्रॉक्सी मॉडल नहीं, और पड़ोसी राज्यों से तस्करी रोकने के लिए कीमत अंतर कम।
नीति से राजस्व में वृद्धि की उम्मीद थी (लगभग 9,500 करोड़ अतिरिक्त), और बिक्री में 11.4% की बढ़ोतरी दर्ज हुई, लेकिन CAG रिपोर्ट में कुछ कमियों का जिक्र था।
### मामले की पृष्ठभूमि और CBI के आरोप
CBI ने 2022 से जांच शुरू की, आरोप लगाया कि नीति बनाने और लागू करने में भ्रष्टाचार हुआ। मुख्य आरोप:
– “साउथ लॉबी” से 100 करोड़ रुपये की रिश्वत।
– नीति में फायदे के लिए साजिश।
– केजरीवाल को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया (चौथी चार्जशीट में नाम)।
– सिसोदिया को सबसे पहले गिरफ्तार किया गया (लगभग 530 दिन जेल), केजरीवाल को भी (156 दिन जेल)।
### कोर्ट का आज का फैसला और टिप्पणियां
– चार्जशीट में “कई lacunae” – सबूतों की कमी, दस्तावेज गायब, आंतरिक विरोधाभास।
– कोई प्रथम दृष्टया मामला नहीं बना, खासकर सिसोदिया के खिलाफ।
– केजरीवाल को बिना ठोस सामग्री के घसीटा गया – संवैधानिक पद के लिए चिंता।
– कोई साजिश या आपराधिक इरादा साबित नहीं।
– सभी 23 आरोपी (विजय नायर, के. कविता, सरथ रेड्डी आदि सहित) बरी।
### प्रमुख प्रतिक्रियाएं
– *अरविंद केजरीवाल* भावुक होकर बोले: “सच की जीत हुई। मैं कट्टर ईमानदार हूं। यह सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश थी।”
– *मनीष सिसोदिया*: संविधान की जीत।
– *सुनीता केजरीवाल*: “सच हमेशा जीतता है।”
– *AAP*: जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप, BJP पर हमला।
– *CBI*: फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट जाने की तैयारी।
यह फैसला दिल्ली की राजनीति में बड़ा टर्निंग पॉइंट है। AAP को कानूनी और नैतिक मजबूती मिली है, जबकि CBI जांच पर सवाल उठे हैं। मामले की आगे की सुनवाई हाई कोर्ट में हो सकती है।






