
ब्यूरो रिपोर्ट
पुलिस थाने में पत्रकारों की वीडियोग्राफी पर कथित अवैधानिक निर्देश के विरुद्ध शिकायत
अधिवक्ता विनय कुमार पाण्डेय, सिविल न्यायालय, जनपद महराजगंज द्वारा पुलिस महानिदेशक, , उत्तर प्रदेश, लखनऊ को एक औपचारिक शिकायत प्रेषित की गई है।
शिकायत में उल्लेख किया गया है कि एक प्रसारित ऑडियो क्लिप के अनुसार कथित रूप से एक क्षेत्राधिकारी द्वारा यह निर्देश दिया गया है कि यदि कोई पत्रकार पुलिस थाने के अंदर वीडियोग्राफी करता है तो उसके विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए। यदि ऐसा निर्देश वास्तव में जारी किया गया है, तो यह संवैधानिक प्रावधानों एवं विधि द्वारा स्थापित सिद्धांतों के प्रतिकूल प्रतीत होता है।
भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के अंतर्गत नागरिकों को अभिव्यक्ति एवं प्रेस की स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार प्राप्त है, जिसे केवल अनुच्छेद 19(2) में वर्णित सीमित आधारों पर ही प्रतिबंधित किया जा सकता है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अपने विभिन्न निर्णयों में प्रेस की स्वतंत्रता को लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था का मूल स्तंभ माना है।
प्रेषित शिकायत में निम्न मांगें की गई हैं—
प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
यदि निर्देश विधि-विरुद्ध पाया जाए तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की जाए।
समस्त जनपदों के पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं कि पत्रकारों के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान किया जाए।
भविष्य में ऐसे अवैधानिक मौखिक निर्देशों पर रोक लगाने हेतु परिपत्र जारी किया जाए।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में पुलिस प्रशासन से अपेक्षा की जाती है कि वह विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया का पालन करते हुए नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करे।





