
सुखदेव मोहबे
ठेका महिला श्रमिकों के वेतन से अवैध वसूली, आर्थिक शोषण एवं आपराधिक कृत्य के संबंध में कठोर कार्रवाई हेतु शिकायत।
कोयला खदानों में कार्यरत असंगठित ठेका कामगारों ने अपने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के दौरान आज थाना प्रभारी सारणी और वेकोलि महाप्रबंधक पाथाखेड़ा के नाम ज्ञापन सौपा। उन्होंने बताया की पाथाखेड़ा क्षेत्र में कार्यरत ठेका महिला श्रमिकों के वेतन से पिछले लगभग तीन वर्षो से संगठित रूप में अवैध कटौती एवं जबरन राशि वसूली की जा रही है।
प्रत्येक महिला श्रमिक से प्रति माह लगभग ₹10000 की अवैध वसूली की जानकारी प्राप्त हुई है। प्राप्त तथ्यों के अनुसार संबंधित व्यक्तियों द्वारा महिलाओं को अस्पताल, रेस्ट रूम अथवा अन्य स्थानों पर बुलाकर दबावपूर्वक नकद राशि ली जाती है। बैंक से वेतन निकालने के उपरांत भी उनसे हिस्सा मांगा जाता है।
यह कृत्य न केवल श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन है, बल्कि भारतीय दंड संहिता की धाराओं के अंतर्गत जबरन वसूली, आपराधिक भयादोहन एवं आर्थिक शोषण की श्रेणी में आता है। यह अत्यंत चिंताजनक है कि यह प्रकरण वर्षो से जारी होने के बावजूद प्रबंधन स्तर पर प्रभावी रोकथाम नहीं की गई। यदि यह कृत्य ठेकेदारों या उनके प्रतिनिधियों द्वारा किया जा रहा है तो यह प्रबंधन की निगरानी प्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। महिला श्रमिक भय, दबाव एवं असुरक्षा के वातावरण में कार्य करने को विवश हैं, जो किसी भी सार्वजनिक उपक्रम की गरिमा के प्रतिकूल है।
उन्होंने मांग की है कि
1 इस प्रकरण की स्वतंत्र एवं उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जाए।
2. दोषी व्यक्तियों एवं संबंधित 5केदारों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर आपराधिक कार्रवाई की जाए।
3. सभी श्रमिकों के वेतन भुगतान की डिजिटल एवं गरदर्शी प्रणाली सुनिश्चित की जाए।
4. महिला श्रमिकों की सुरक्षा हेतु विशेष प्रकोष्ठ गठित किया जाए 1
5 निर्धारित समय सीमा में जांच प्रतिवेदन सार्वजनिक किया जाए।
7 दिवस के भीतर ठोस एवं पारदर्शी कार्रवाई प्रारंभ नहीं की गई, तो श्रमिक वर्ग लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक अधिकारों के अंतर्गत उग्र आंदोलन, धरना एवं विधिक कार्यवाही हेतु बाध्य होगा, जिसकी समस्त जवाबदेही संबंधित प्रबंधन एवं प्रशासन की होगी।





