
सुखदेव मोहबे
सारनी/ वेतन कटौती व सीएमपीएफ अनियमितता के खिलाफ कलेक्टर-एसपी को सौंपा ज्ञापन,पाथाखेड़ा क्षेत्र की कोयला खदानों में कार्यरत ठेका मजदूरों के साथ कथित आर्थिक शोषण, बकाया वेतन और सीएमपीएफ राशि में अनियमितता को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन आंदोलन सोमवार को बारहवें दिन भी जारी रहा। आंदोलनरत मजदूरों ने आज सुबह जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए मामले में निष्पक्ष जांच और दोषी ठेकेदारों पर कठोर कार्रवाई की मांग की।

मजदूरों ने आरोप लगाया कि कई ठेकेदार वर्षों से भोले-भाले मजदूरों का शोषण कर रहे हैं। मजदूरों के बैंक खातों में पूरा वेतन डालने के बाद दबाव बनाकर उसका लगभग एक तिहाई हिस्सा नकद वापस ले लिया जाता है। विरोध करने पर मजदूरों को काम से निकालने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की धमकियां दी जाती हैं।
मजदूरों का कहना है कि यह स्थिति पिछले कई वर्षों से बनी हुई है, जिससे गरीब और कमजोर परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। आंदोलनकारियों ने यह भी आशंका जताई कि लगभग दो दशकों से सीएमपीएफ (कोल माइंस प्रोविडेंट फंड) के नाम पर भी अनियमितताएं हो रही हैं, जिसकी पारदर्शी जानकारी मजदूरों को नहीं दी जा रही है। उन्होंने प्रबंधन और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से इस गड़बड़ी के होने की आशंका जताई है।






