
पन्ना ब्यूरो प्रिय प्रकाश तिवारी
शाहनगर (जिला पन्ना) में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन मध्यप्रदेश सरकार द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को अनिवार्य किए जाने के विरोध में दिया गया।
ज्ञापन में शिक्षकों ने बताया कि हाल ही में मध्यप्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की एक गाइड लाइन के अनुसार शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य करने का नियम लागू किया है, जिसके विरोध में पूरे प्रदेश में शिक्षकों द्वारा प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पन्ना जिले के शाहनगर ब्लॉक में पदस्थ सभी प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों ने एकजुट होकर अपनी मांगें रखीं।
शिक्षकों की प्रमुख मांग है कि अन्य राज्यों की तरह मध्यप्रदेश सरकार भी टीईटी के मामले में सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटिशन दायर करे, ताकि वर्षों से कार्यरत लाखों शिक्षकों के हितों का संरक्षण किया जा सके।
शिक्षकों का कहना है कि 25 से 30 वर्षों तक सेवा देने के बाद वर्तमान समय में आयोजित हो रही परीक्षाओं का कठिनाई स्तर पहले की तुलना में अधिक है। साथ ही इन परीक्षाओं के पाठ्यक्रम में नई विषय-वस्तु भी जोड़ी गई है। ऐसे में लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों से इस प्रकार की परीक्षा लेना न्यायोचित नहीं है,
चूंकि जिस समय पर इन संवर्गों की भर्तियां की गई थी तब इस तरह की कोई अनिवार्यता नहीं थी इसलिए यह नियम दशकों वर्ष पुराने शिक्षकों पर लागू नहीं होना चाहिए
इस अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी ब्लाक इकाई शाहनगर के
तहसील अध्यक्ष रामलखन पाण्डेय,ब्लॉकअध्यक्ष
अरुण पाठक ब्लॉक सचिव अखिलेश मिश्रा
तहसील सचिव अरुण तिवारी,ब्लॉक अध्यक्ष पुरानी पेंशन बहाली संघ के अध्यक्ष कमलेश चौबे
शिक्षिका शालिनी जैन,नीतू तिवारी, राधा उपाध्याय,रूप नारायण शुक्ला,प्रदीप मिश्रा
रामप्रताप यादव,रवि पाठक, रवि राय,धीरेन्द्र सिंह समीम खान खेल शिक्षक, महेश
मिश्र,कुलदीप सोनी
सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।