
ब्यूरो रिपोर्ट
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने बुधवार को कक्षा 5वीं एवं 8वीं का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। कक्षा 5वीं में 96.19 प्रतिशत छात्राएं एवं 94.15 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए हैं। वहीं कक्षा 8वी में 94.98 प्रतिशत छात्राएं एवं 92.74 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए हैं।
मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित कक्षा 5वीं और 8वीं की बोर्ड पेटर्न परीक्षाओं का परिणाम 25 मार्च को जारी कर दिया गया है। परीक्षा परिणाम घोषणा की प्रक्रिया सुबह 11 बजे से शुरू हुई। मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने परीक्षा परिणाम की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने कक्षा 5वीं एवं 8वीं के परीक्षा परिणामों के विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के समस्त विद्यालयों का कक्षा 5वीं का परीक्षा परिणाम 95.14 प्रतिशत एवं कक्षा 8वीं का परीक्षा परिणाम 93.83 प्रतिशत रहा है।
कक्षा 5वीं में शहडोल संभाग और नरसिंहपुर जिला रहे अव्वल
बुधवार को घोषित परीक्षा परिणामों में कक्षा 5वीं में शहडोल संभाग प्रदेश में आगे रहा। इसके बाद नर्मदापुरम, इंदौर, चंबल, जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, रीवा और सागर संभाग रहे। वहीं कक्षा 5वीं के परिणामों में टॉप 10 जिले में नरसिंहपुर जिला अव्वल रहा। इसके बाद डिंडोरी, बालाघाट, झाबुआ, अलीराजपुर, सीहोर, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, इंदौर और बडवानी जिला रहे।
कक्षा 8वी में इंदौर संभाग तथा नरसिंहपुर जिले ने मारी बाजी
कक्षा 8वीं के परिणामों में इंदौर संभाग ने बाजी मारी। इसके बाद नर्मदापुरम, शहडोल, जबलपुर, भोपाल, चंबल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर और रीवा संभाग रहे। कक्षा 8वी के परिणामों में टॉप 10 जिले में नरसिंहपुर जिला आगे रहा। इसके बाद अलीराजपुर, डिंडोरी, झाबुआ, बालाघाट, अनूपपुर, सीहोर, छिंदवाड़ा, बडवानी, और मंडला जिला रहा।
एक क्लिक पर लाखों लोगों ने देखा रिजल्ट
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि विद्यार्थी राज्य शिक्षा केंद्र की वेबसाइट https://www.rskmp.in/result.aspx पर अपना परीक्षा परिणाम देख सकते हैं। रिजल्ट जारी होते ही इस साइड पर प्रति मिनिट लगभग 1 लाख से अधिक लोगों ने अपना परीक्षा परिणाम देखा। रिजल्ट लिंक पर परिणाम देखने में किसी भी विद्यार्थी या अभिभावक को कोई परेशानी ना हो इस दृष्टि से राज्य शिक्षा केन्द्र ने इस बार विशेष व्यवस्थाएं की थी। रिजल्ट लिंक पर अनेक सर्वर एक साथ जोडे गए थे, जिसके माध्यम से लाखों लोगों ने बिना किसी परेशानी के एक साथ अपना परीक्षा परिणाम देखा और डाउनलोड किया।
असफल विद्यार्थियों को पूरक परीक्षा में मिलेगा अवसर
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि हमारा प्रयास बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना एवं सीखने के लिए अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के स्तर की वस्तुस्थिति के सर्वाधिक आंकड़े विश्लेषण करने में मध्यप्रदेश देश भर में अग्रणी राज्य बनने जा रहा है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के बेटे बेटियां अब कमजोर नहीं रह गए हैं, ये इन परीक्षाओं के परिणाम से साफतौर पर स्पष्ट दिख रहा है। इसके साथ ही जो छात्र एवं छात्राएं परीक्षा में असफल हुए है उनके लिए जल्द ही पूरक परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। जिसमें जो विद्यार्थी जिस विषय में असफल रहें हैं उन्हें मात्र उसी विषय की पुन: परीक्षा देनी होगी।
1 लाख से अधिक स्कूलों के लगभग 24 लाख विद्यार्थियों ने दी है परीक्षा
कक्षा 5वीं एवं 8वीं की परीक्षा में प्रदेश के 1 लाख 10 हजार 699 शासकीय, निजी विद्यालयों तथा मदरसों के लगभग 23 लाख 68 हज़ार विद्यार्थी शामिल हुए थे। जिनमें से 93 हज़ार 281 विद्यालय ग्रामीण तथा 17 हज़ार 418 विद्यालय शहरी क्षेत्रों के हैं। इनमें 86 हज़ार 134 शासकीय, 24 हज़ार 23 निजी विद्यालय एवं 542 मदरसे शामिल हैं।
कक्षा 5वीं के कुल 12 लाख 76 हज़ार 404 विद्यार्थियों में से 9 लाख 24 हज़ार 783 ग्रामीण और 3 लाख 51 हज़ार 621 विद्यार्थी शहरी क्षेत्रों के हैं। वहीं कक्षा 8वीं के कुल 10 लाख 92 हज़ार 580 विद्यार्थियों में से 7 लाख 53 हज़ार 784 ग्रामीण और 3 लाख 38 हज़ार 796 विद्यार्थी शहरी क्षेत्रों के हैं।
12 हज़ार 943 केन्द्रों पर हुई परीक्षा, 1 लाख 10 हजार 655 शिक्षकों द्वारा 322 केन्द्रों पर मूल्यांकन कर ऑनलाइन अंक प्रविष्टि के उपरांत तैयार हुआ परिणाम
राज्य शिक्षा केन्द्र ने इस वर्ष संपूर्ण परीक्षा आयोजन सुचारू रूप से संचालित करने के लिए कड़ी मेहनत और तकनीक समर्थित रणनीति तैयार की थी। विद्यार्थियों की सुविधा अनुसार उनके स्कूलों के समीप ही 12 हज़ार 943 सर्व सुविधायुक्त विद्यालयों में परीक्षा केन्द्रों का निर्माण किया गया। बोर्ड पेटर्न पर उत्तर पुस्तिकाएं, एक विकासखंड से दूसरे विकासखंड के केन्द्रों पर मूल्यांकन के लिए भेजी गई थी। जिनके मूल्यांकन उपरांत 322 मूल्यांकन केन्द्रों से मोबाइल एप पर ऑनस्पॉट अंकों की प्रविष्टियां की गई।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने सफल परीक्षा व्यवस्था के लिए विभाग के शिक्षकों और अन्य सहयोगियों का आभार व्यक्त किया है। इस अवसर पर सचिव, स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता, मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक स्थायी समिति सदस्य श्री भगीरथ कुमरावत, श्री राम जी भावसार, अपर संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र डॉ. अरूण सिंह एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।