
ब्यूरो रिपोर्ट
डिजिटल जनगणना 2027, विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस जनगणना को सरल, तेज और नागरिकों के लिए सहज बनाने के उद्देश्य से स्वगणना की अभिनव पहल की गई है, जिससे आमजन स्वयं डिजिटल माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
नवागत कलेक्टर एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने बताया कि जिले में स्वगणना का कार्य 16 अप्रैल से 30 अप्रैल के मध्य संपादित किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए डिजिटल माध्यमों का अधिकतम उपयोग करें।
प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण 15 अप्रैल से
जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संपादित करने के लिए प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण का कार्य 15 अप्रैल 2026 से प्रारंभ किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण तीन दिवसीय एवं गैर-आवासीय होगा।
जिले में कुल 65 प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर इस प्रशिक्षण को संचालित करेंगे, जो प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को जनगणना के तकनीकी एवं व्यवहारिक पहलुओं से अवगत कराएंगे।
चार्ज स्तर पर होगा प्रशिक्षण आयोजन
प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले के चार्ज स्तर पर आयोजित किया जाएगा। बैतूल जिले में कुल 21 चार्ज निर्धारित किए गए हैं, जिनमें 11 ग्रामीण एवं 10 नगरीय चार्ज शामिल हैं। चार्ज अधिकारियों द्वारा 15 अप्रैल से 25 अप्रैल तक आयोजित होने वाले प्रशिक्षण हेतु प्रशिक्षण स्थल, भोजन-पानी एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।






