
ब्यूरो रिपोर्ट
बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती के अवसर पर नगर के गंज क्षेत्र में स्थित शिव शक्ति हनुमान शनि देव मंदिर में रविवार को भगवान परशुराम का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विधि विधान से भगवान परशुराम का अभिषेक और पूजन किया गया।

मंदिर समिति के अध्यक्ष विवेक (छुट्टू) भार्गव द्वारा भगवान परशुराम के जन्मोत्सव पर शनि मंदिर को आकर्षक रूप में सजाया गया था। जन्मोत्सव के एक दिन पूर्व शनिवार रात्रि में मंदिर समिति द्वारा भगवान परशुराम को भोग प्रसादी अर्पण कर भंडारे का आयोजन किया गया था। वहीं रविवार को जन्मोत्सव के अवसर पर भार्गव समाज बैतूल के सभी पुरूष-महिला सदस्यों की मौजूदगी में प्रात: 9 बजे से भगवान परशुराम का अभिषेक और पूजन किया गया। इसके पश्चात भगवान की महाआरती कर प्रसाद वितरण किया गया।

भार्गव सभा बैतूल के अध्यक्ष दीपक भार्गव ने बताया कि हम भगवान परशुराम के वंशज माने जाते हैं। क्योंकि, भगवान परशुराम का जन्म महर्षि जमदग्रि और माता रेणुका के घर हुआ। महर्षि जमदग्रि, महर्षि भृगु के वंशज थे। भृगु ऋषि के वंश में जन्म लेने के कारण परशुराम जी को भार्गव कहा गया, जिसका तात्पर्य भृगु का वंश होता है। उन्होंने बताया कि भार्गव समाज मुख्यत: ब्राह्मणों का एक उप वर्ग/समुदाय है, जो अपनी उत्पत्ति महर्षि भृगु से और विशेष रूप से भगवान परशुराम से जोड़ता है। इसलिए इन्हें भार्गव ब्राह्मण भी कहते हैं। मंदिर समिति के अध्यक्ष और भार्गव समाज के वरिष्ठ सदस्य विवेक (छुट्टू) भार्गव ने इस अवसर पर उपस्थित सभी सामाजिक बंधुओं का आभार व्यक्त किया। प्रसादी वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।




