
ब्यूरो रिपोर्ट
जिले में पेयजल स्रोतों के तेजी से गिरते जल स्तर को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने इस परिप्रेक्ष्य में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए जिले की सम्पूर्ण राजस्व सीमा में 20 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक सभी अशासकीय एवं निजी नलकूपों के खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
आदेश के अनुसार, जिले में कोई भी नलकूप बोरिंग मशीन संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अनुमति के बिना प्रवेश नहीं करेगी और न ही नए नलकूप का खनन किया जा सकेगा। हालांकि, सार्वजनिक सड़कों से गुजरने वाली मशीनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।
राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रतिबंधित क्षेत्रों में अवैध रूप से प्रवेश करने या नलकूप खनन का प्रयास करने वाली मशीनों को जप्त कर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करें। वहीं, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को आवश्यक एवं अपरिहार्य प्रकरणों में उचित जांच के बाद अनुमति प्रदान करने के लिए अधिकृत किया गया है।
आदेश के उल्लंघन पर अधिनियम की धारा 9 के तहत दो वर्ष तक का कारावास या 10 हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान किया गया है। साथ ही, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शासकीय योजनाओं के अंतर्गत किए जाने वाले नलकूप उत्खनन कार्य इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) द्वारा योजनांतर्गत नलकूप खनन कार्य पूर्ववत जारी रह सकेंगे और इसके लिए पृथक अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। इसके अतिरिक्त, अधिनियम की धारा 4 के अंतर्गत आवश्यकता पड़ने पर नवीन खनित निजी नलकूपों एवं अन्य विद्यमान निजी जल स्त्रोतों का अधिग्रहण कर उन्हें सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था हेतु उपयोग में लाया जा सकेगा।





